रद्द ट्रेनें फिर शुरू, बिलासपुर जोन से चलेंगी 16 स्पेशल ट्रेनें…

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पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राहत: रद्द ट्रेनें फिर शुरू, बिलासपुर जोन से चलेंगी 16 स्पेशल ट्रेनें।
 
बिलासपुर। ट्रेनों की चाल अब बदल गई है। लेटलतीफी के बजाय अपने तय समय पर ट्रेनें चलने लगी है। इसे पश्चिम बंगाल चुनाव इम्पैक्ट भी कह सकते हैं। बिलासपुर रेलवे जोन से 16 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन के अलावा लेटलतीफ गोंदिया-इतवारी, वलसाड़ चर्लपल्ली ट्रेन राइट टाइम पटरी पर दौड़ने लगी है। बहरहाल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल रही है, यह यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है।
 
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। बमुश्किल सात दिन ही शेष है। पश्चिम बंगाल से पलायन कर दूसरे प्रांतों में कामकाज करने वाले लोग मतदान के लिए अपने राज्य लौटने लगे हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। बिलासपुर जोन से होकर 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें समर स्पेशल के नाम पर पटरी पर दौड़ने लगी है। ज्यादातर ट्रेनें मतदान के 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी।
 
हालांकि, रेलवे ने समर स्पेशल ट्रेनों को विधानसभा चुनाव से नहीं जोड़ा है। स्पेशल ट्रेनों की टाइमिंग से साफ है, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ही चलाया जाएगा। बता दें, पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। रेलवे की समर स्पेशल ट्रेनों का फोकस पश्चिम बंगाल रूट पर ज्यादा है।
 
पुणे-एलटीटी-वलसाड रूट: यहां से सांतरागाछी और खड़गपुर के लिए विशेष ट्रेनें दी गई हैं, ताकि महाराष्ट्र और गुजरात में रहने वाले वोटर समय पर पहुंच सकें।
 
दुर्ग-गोंदिया-इतवारी: बिलासपुर जोन की ये तीन प्रमुख ट्रेनें स्थानीय स्तर पर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए लाइफलाइन बनेंगी।
 
पटना-रक्सौल कॉरिडोर: इन ट्रेनों के जरिए मालदा, दिनाजपुर, वीरभूम और हल्दिया जैसे संवेदनशील चुनावी इलाकों के वोटरों को टारगेट किया गया है।
 
पटरी पर दौड़ने लगी रद्द हुई ट्रेनें
 
5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के चलते इसे सीजन का चुनावी स्पेशल ट्रेन कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि गोंदिया में वॉशेबल एप्रन के काम के कारण शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस को 24 अप्रैल तक रद्द किया गया था। चुनाव से ठीक पहले 29 मार्च को नया आदेश जारी कर इसे बहाल कर दिया गया है। इसी तरह शालीमार-इतवारी के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन की सौगात भी दे दी गई।
 
अचानक राइट टाइम चलने लगीं गाड़ियां
 
हावड़ा रूट पर बीते कई महीनों से ट्रेनें‘लेट चल रही थी, बीते एक हफ्ते से तय समय पर ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आने लगी है।
 
बता दें कि असम में 9 अप्रैल को मतदान सम्पन्न हाे गया है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।
 
स्पेशल ट्रेनें, जो बिलासपुर रेलवे जोन से होकर गुजरेंगी
 
एलटीटी-सांतरागाछी-एलटीटी 13-13 फेरों के लिए 21 अप्रैल से 24 जुलाई तक।
हटिया-एलटीटी-हटिया 9 फेरों के लिए 20 अप्रैल से 15 जून तक। हटिया से पश्चिम बंगला का पुरुलिया जिला की सीमा शुरू होती है।
पटना-चर्लपल्ली-पटना 15-15 फेरों के लिए 8 अप्रैल से 27 मई तक हर सोमवार और बुधवार। पटना से लगा हुआ पश्चिम बंगाल का दिनाजपुर, मालदा, दार्जिलिंग व सिलिगुड़ी का क्षेत्र है।
तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति 7 फेरों के लिए 13, 20 और २७ अप्रैल को। रक्सौल से पश्चिम बंगला का हल्दिया, वर्धमान, पानगढ़ और वीरभूम क्षेत्र लगता है।
गोंदिया-रक्सौल-गोंदिया 25 अप्रैल से 27 जून तक। रक्सौल से पश्चिम बंगला का हल्दिया, वर्धमान, पानगढ़ और वीरभूम क्षेत्र लगता है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी-मालदा टाउन- इतवारी 19, 20 और 26 अप्रैल।
चर्लपल्ली-रक्सौल-चर्लपल्ली 12 अप्रैल से 31 मई तक।
पुणे-सांतरागाछी-पुणे 15 और 22 अप्रैल।
वलसाड़-खड़गपुर-वलसाड़ 15 और 22 अप्रैल ।
एलटीटी-सांतरागाछी-एलटीटी 17 और 24 अप्रैल ।
पुणे-सातंरागाछी-पुणे 17 और 25 अप्रैल ।
उधना-सांतरागाछी-उधना 17, 22 और 24 अप्रैल ।
एलटीटी-सांतरागाछी-एलटीटी 24 अप्रैल और 1 मई को।
दुर्ग-शालीमार-दुर्ग 22 अप्रैल को एक फेरे के लिए।

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