मध्य प्रदेश उपचुनाव – भाजपा ने अजा वोटों को साधने बिछाई बिसात

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            भोपाल : मप्र विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अनुसूचित जाति (अजा) वर्ग की अहम भूमिका रहेगी। भाजपा ने इन वोटों के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी है। एक तरफ वह कांग्रेस को अजा विरोधी साबित करने पर तुली है और दूसरी तरफ बसपा के हर कदम पर नजर टिकाए है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मोर्चा संभाल लिया है। सरकार और संगठन की ओर से विधानसभा क्षेत्रों के अनुसूचित जाति बहुल बूथों पर पूरी ताकत लगा दी गई है। जिन 24 क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उनमें आठ सीटें-अंबाह, गोहद, डबरा, भांडेर, करैरा, अशोक नगर, सांची व सांवेर अनुसूचित जाति की और एक सीट अनूपपुर अनुसूचित जनजाति कोटे में आरक्षित है। उपचुनाव वाली सीटों के हर बूथ पर भाजपा ने अभी से जिम्मेदारी तय कर दी है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष सूरज कैरो की सक्रियता बढ़ गई है। जल्द ही केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत, पूर्व मंत्री सत्यनारायण जटिया, वीरेंद्र खटिक और गौरीशंकर शेजवार जैसे अनुसूचित जाति के शीर्ष नेताओं के दौरे भी होने हैं। चूंकि 2018 के चुनाव में भाजपा इन सभी सीटों पर चुनाव हार चुकी है, इसलिए जमीनी तैयारी में अब कोई कोर-कसर नहीं रखना चाहती है। कमोबेश भाजपा के उम्मीदवार वही चेहरे बनने हैं जो पिछली बार कांग्रेस से जीते थे, इसलिए कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के साथ ही पार्टी संतुलन बनाने पर भी जोर दे रही है। राज्यसभा चुनाव में अनुसूचित समाज के कांग्रेस उम्मीदवार फूल सिंह बरैया को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मुकाबले प्राथमिकता न मिलने के मुद्दे को भी हवा देकर भाजपा ने कांग्रेस को अजा विरोधी साबित करने का अभियान छेड़ दिया है। भाजपा की नजर बसपा के प्रभावी अजा नेताओं पर भी है।

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