महिला कर्मचारी को कलीग ने किया बैड टच, पीडि़ता बोली- कंधे और कमर पर हाथ मारता है

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मुरादाबाद। मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग की एक महिला कर्मचारी ऑफिस में पुरुष कर्मचारी के बैड टच से डिप्रेशन में पहुंच गई है। पुरुष सहयोगी कभी महिला के कंधे पर तो कभी उसकी कमर पर हाथ मारता। विरोध करने पर सॉरी बोलकर कह देता कि गलती से टच हो गया। परेशान होकर महिला कर्मी ने लिखित शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से की है। जिसके बाद संबंधित कर्मचारी का तबादला दूसरे स्कूल में कर दिया गया है। पीडि़ता बेसिक शिक्षा विभाग के एक क्चक्रष्ट केंद्र पर तैनात है। इसी बीआरसी केंद्र से सटे स्कूल में तैनात पुरुष कर्मचारी पर महिला कर्मी के साथ बैड टच करने के आरोप हैं। पुरुष कर्मचारी बार-बार बहाने से महिला कर्मी के क्लास में आकर धमक जाता है। काम कर रही महिला कर्मी के कंधों पर हाथ रख देता है। पीडि़ता ने शिकायत में कहा है कि 1 सितंबर को वह अपने क्लास में अकेली थी। उस दौरान आरोपी ने आकर उसके कपड़े हटाने की कोशिश की और छेडख़ानी करने लगा। पीडि़ता ने शिकायत में कहा कि वो इस पूरी घटना से बेहद मानसिक तनाव से गुजर रही है। कई महीनों ने आरोपी कर्मचारी उसके साथ बैड टच करता चला आ रहा है। लेकिन जब भी वह इसकी शिकायत करती है तो कुछ सीनियर्स उसे चुप करा देते हैं। जब मजबूर होकर उसने मामले की लिखित शिकायत की तो भी उसे डांटा गया। इतना ही नहीं, बीआरसी केंद्र से सटे जिस स्कूल में आरोपी तैनात था। वहां का स्टाफ भी उसी की फेवर में है।

आरोपी कर्मचारी का ट्रांसफर हो जाने के बाद अब स्कूल का स्टाफ उसके खिलाफ हो गया है। उसे तरह-तरह से परेशान कर रहा है। पीडि़ता ने 8 महीने पहले ही विभाग में ज्चॉइन किया है। बीआरसी पर वह अकेली महिला कर्मचारी है। ज्चॉइन करने के बाद से ही विभाग के कुछ पुरुष कर्मचारी उसे तरह-तरह से परेशान करते चले आ रहे हैं। मौखिक शिकायतों के बाद भी उसके साथ हो रही घटनाएं नहीं रुकीं तो मजबूरन पीडि़ता को इसकी लिखित शिकायत की।। लेकिन अब पीडि़ता को इस शिकायत के लिए भी टॉर्चर सहना पड़ रहा है। मामले की लिखित शिकायत आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी मनोज बोस ने आरोपी कर्मचारी राजेश कुमार वर्मा का ट्रांसफर दूसरे स्कूल में कर दिया है। एबीएसए ने अपने आदेश में कहा है कि महिला कर्मचारी की लिखित शिकायत पर जब जांच की गई तो पता चला कि आरोपी कर्मचारी इससे पहले भी अन्य महिला कर्मियों के साथ छेड़छाड़ कर चुका है। तब उसे तत्कालीन एबीएसए सर्वेश कुमार सिंह ने चेतावनी देकर छोड़ा था। लेकिन इसके बाद भी उसने अपनी हरकतें नहीं छोड़ीं। एबीएसए मनोज बोस ने आरोपी कर्मचारी के बीआरएसी केंद्र में घुसने पर रोक लगा दी है। एबीएसए ने कहा यदि आरोपी कर्मचारी बीआरसी केंद्र पर जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में एबीएसए मनोज बोस से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन पता चला कि वो हॉस्पिटल में एडमिट हैं। दूसरी एबीएसए वंदना सैनी ने बताया कि उन्होंने हॉल ही में चार्ज लिया है, इसलिए उन्हें ऐसी किसी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है।

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