सोंढूर नदी पार कर पहुंचा 22 हाथियों का झुंड, 12 गांव में अलर्ट जारी

Posted by

धमतरी। सिकासेर दल में शामिल करीब 30 हाथी सोंढूर नदी पार कर गरियाबंद जिला पहुंच गए हंै। वर्तमान में हाथियों का लोकेशन कक्ष क्रमांक पी-766 है, जो नवागढ़ परिक्षेत्र है। हाथियों ने विचरण के दौरान खेतों में तैनात धान की खड़ी फसलों को रौंदी। वन विभाग ने रावनडिग्गी, नवागांव, चिपरी, सेमरा, पेंड्रा, आमागांव, खरता, दर्रीपारा, चंदनबहारा बड़े गोबरा, छोटे गोबरा, कांटी पारा गांव में अलर्ट जारी किया है। हाथियों की निगरानी में ईश्वरी मरकाम, सेवक यादव, धर्मेंद्र निराला, नवीन, मुकेश, हरक, भुवन व शसवन की ड्यूटी लगी है। हाथी विचरण कर धान, मक्का फसल, बांस व पत्ते, मोयन छाल, भेलवा जड़ी, तेंदू जड़ी खा रहे हैं। अधिकारियों ने हाथी विचरण क्षेत्र के जंगल में न जाने, सतर्क रहने, सुरक्षित रहने, एक दूसरे को सचेत करने व हाथी दिखाई देने पर नजदीकी वन कर्मचारी को सूचना देने कहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सिकासेर दल में हाथियों की संख्या करीब 40 है। इनमें 30 हाथी एक साथ हैं, जबकि 1-1 हाथी दुगली और कुल्हाड़ीघाट रेंज में विचरण कर रहे हैं, वहीं 8 हाथियों का एक अलग दल है। 30 हाथियों के दल में घायल शावक भी हैं, जो सीतानदी रेंज में पोटाश बम के संपर्क में आने से पैर और जबड़े में चोट आई थी। हफ्तेभर हाथियों की निगरानी थर्मल ड्रोन और सामान्य ड्रोन कैमरे से हुई। बेहोश कर इलाज करने के लिए जंगल सफारी से विशेषज्ञ की टीम सीतानदी रेंज पहुंची थी। लगातार 2 दिन निगरानी हुई, लेकिन झुंड के बीच में घायल शावक के होने से घायल करने का रेस्क्यू प्लानिंग को स्थगित किया। महुआ और गुड़ के लड्डू बनाकर जंगल में छोड़े गए, जिसे खाकर घायल शावक का बेहतर ढंग से इलाज भी हो गया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories

  • No categories