महिला ने अपने भाई को बताया गुंडा, पति की हत्या की साजिश और 25 लाख फिरौती मांगने का लगाया आरोप

Posted by

रायपुर। पुस्तैनी मकान को लेकर एक डॉक्टर को धमकाने का मामला सामने आया है। उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी से की है। शिकायतकर्ता मोहम्मद शोएब अखाई ने बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता लेकर बताया कि मेरे बड़े भाई सोहेल मकान के नाम पर अक्सर लड़ाई झगड़ा करते हैं। पुशतैनी सम्पति में उन्होंने 1 करोड़ की प्राप्ति बजी कर ली। जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है। बड़े भाई ने उनकी मां से भी मारपीट की जिसकी रिपोर्ट मोवा थाने में दर्ज कराई गई थी। इतना ही उनके बड़े भाई ने डॉक्टर शोएब की सगाई के बाद उनके ससुरालवालों से 1 करोड़ का दहेज भी मांगा। जिसका डॉक्टर ने विरोध किया तो फ़र्ज़ी केस में फसाने की धमकी दी। डॉक्टर की डिग्री को फर्जी बताकर सोशल मीडिया में में पोस्ट डाले। इसलिए उन्होंने अब पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से की है। उन्होंने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से भी की है।  एक शादीशुदा महिला बेहद डरी हुई है। पीड़ित महिला ने अपने भाई और मां पर आरोप लगाया है कि दोनों द्वारा पति की हत्या की धमकी देकर 25 लाख की फिरौती मांग रहे है। इस घटना की जानकारी पीड़िता ने रायपुर एसपी और थाना प्रभारी सिविल लाइन को दी है। निखत खान ने अपने शिकायत में बताया कि… मैं घर की बडी संतान हूं। मेरी माता श्रीमती जुबेदा बेगम का मेरे ससुराल में हर हमेशा मुझसे मिलने के लिये आना जाना लगा रहता था। इस बीच मेरी माता के द्वारा मुझे रकम 4,00,000/- रू. रफ्ता रफ्ता बतौर उधार प्राप्त कर अपने बडे पुत्र सुहेल अखाई को दिया गया।  मेरी माता के द्वारा पारिवारिक सम्पत्ति को विक्रय कर समस्त रकम मेरे भाई सुहैल को दे दिया गया जब परविार एवं समाज के लागों के द्वारा आपत्ति ली गई और कहा गया कि "सुहैल के अलावा तुम्हारी दो संतान और भी शोएब एवं निखत है उसे भी कुछ दे दो" । समाज के लोगों के द्वारा माता धर्म का निर्वहन किये जाने के निवेदन पर मेरी माता के द्वारा अपने हक हित स्वामित्व एवं आधिपत्य की सम्पत्ति मकान जो कि वाके मौजा मोवा पहनं 45, रायपुर स्थित खसरा नंबर 221 / 32 रकबा 1520 वर्गफुट भूमि पर निर्मित मकान जिसके भूतल पर 1000 वर्गफट एवं प्रथम तल पर 900 वर्गफुट निर्मित है को पंजीकृत दान विलेख के माध्यम से दिनांक 25/06/2024 को मुझे एवं मेरे छोटे भाई शोएब अखाई के पक्ष में दान स्वरूप प्रदान कर उसका कब्जा सौंप दिया गया। जिसे हम दोनों भाई बहनों ने स्वीकार किया है। जिसका पुस्तक क्र. 01, ग्रन्थ क्र. 2204, पृष्ठ क्र. 155 से 177, दस्तवेज क्र. CG-2024-25-109-1-2294 है।  मेरे पति से मेरी माता के द्वारा 4,00,000/- रू. रफ्ता रफ्ता कई किश्तों में लिया गया मांगे जाने पर माता एवं भाई सुहैल अखाई के द्वारा एक चेक प्रदान किया गया उसके बाद मेरे पति से और पैसे 25,00,000/- की मांग किया जाने लगा । मेरे पति के द्वारा मना किये जाने पर मेरी माता एवं मेरा भाई दोनों मेरे घर आये और मुझसे कहने लगे कि "अपने पति को बोल देना कि मुझे 25,00,000/- रू. जल्द से जल्द दे दे। क्योंकि हिबा में मेरे द्वारा तुम्हें एवं शोएब को मोवा स्थित सम्पत्ति को दी गई है, मेरे द्वारा कहा गया कि उपरोक्त सम्पत्ति तो आपने अपनी मर्जी से परिवार एवं रिश्तेदारों के कहने जाने पर प्रदान किया है। इससे ज्यादा तो नगदी के रूप में आपने सुहैल को दे दिया है। इतना सुनते हुए सुहैल कहने लगा कि "मेरे ससुर शहर के नामी वकील है, झूठ को सच एव सच को झूठ साबित करना इनके दाये हाथ का खेल है आज तक इन्होंने कोई केस हारा नहीं है" कहकर कहने लगा कि तुम्हरा पति यदि शीघ्र उक्त रकम नगद नहीं दिया तो तुम्हारे पति एवं शोएब को जान से मरवा देंगे या झूठे केस में फंसाकर जेल की चक्की पिसवा देंगे।’ उक्त धमकी चमकी सुनने के बाद मैं अत्यंत डर गई हूं। मैं अच्छी तरह जानती हूं कि मेरा भाई सुहैल गुण्डा प्रवृत्ति का व्यक्ति है, उसके विरूद्ध थाना खरोरा में पूर्व बलवा एवं लडाई झगडा मार पीट का आरोपी है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories

  • No categories