सरकारी गेस्ट हाउस में राजनीतिक गतिविधियां प्रतिबंधित

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महासमुंद। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। यह संहिता निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेगी। निर्वाचन घोषणा के साथ ही निर्वाचन समाप्ति की तिथि तक कोई भी शासकीय एवं अर्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में राजनीतिक दलों के सदस्य चुनाव प्रचार अथवा राजनीतिक गतिविधियों के लिए ठहर नहीं सकेंगे।  इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह ने आदेश जारी किए है। हालांकि पात्रतानुसार एवं उपलब्धता के आधार पर इन स्थानों पर ठहरने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। जारी आदेशानुसार ठहरने वाले व्यक्तियों को केवल पात्रतानुसार कक्ष आवंटित किए जाएंगे, लेकिन भोजन आदि की कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी। ठहरने वालों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा और इसकी रसीद जारी की जाएगी। टेलीफोन कॉल का भुगतान अनिवार्य’ः विश्राम भवनों में किए गए कॉल का पृथक रजिस्टर रखा जाएगा। कॉल के लिए निर्धारित राशि तुरंत जमा करानी होगी। ठहरने वालों का नाम, पता, ठहरने का उद्देश्य और अन्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। आगंतुकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर भी अलग रजिस्टर में दर्ज होगा। निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, सचिव एवं निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों को कक्ष आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य व्यक्तियों को कक्ष तब ही आबंटित किए जाएंगे, जब अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध होंगे। जिला मुख्यालय में विश्राम भवनों का आरक्षण जिला सत्कार अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। वहीं, अनुविभागीय मुख्यालयों और अन्य स्थानों पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी, प्रेक्षक आदि के लिए कक्ष हमेशा आरक्षित रखें जाएं। आदर्श आचरण संहिता का यह प्रतिबंध महासमुंद जिले में निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेगा। 

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