गैंगस्टर अमन साव को लेने रायपुर पहुंची झारखंड पुलिस

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रायपुर। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ काम करने वाला झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर अमन साव पुलिस और कारोबारियों दोनों के लिए मुसीबत बना हुआ है। 7 मार्च को रांची में दिन-दहाड़े बदमाश एक कोयला कारोबारी को गोली मारकर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक ये काम जेल में बंद अमन साव के निर्देश पर उसके गुर्गे कर रहे हैं। इसी केस की पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस गैंगस्टर अमन साव को लेने रायपुर पहुंची। बता दें कि अमन साव रायपुर में कारोबारी पर फायरिंग मामले में जेल में बंद है। झारखंड के DGP अनुराग गुप्ता ने माना है कि अमन साव जेल से अपना गैंग चला रहा है। उन्होंने कहा अपराधी वर्चुअल नंबर क्रिएट कर काम कर रहे हैं।  रांची के बरियातू थाना क्षेत्र के गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल के पास 7 मार्च को कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा की कार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। विपिन मिश्रा को फायरिंग में गोली भी लगी है। वारदात के दौरान ड्राइवर को भी गोली लगी है। कोयला कारोबारी के बॉडीगार्ड ने भी जब जवाबी फायरिंग की तो हमलावर फरार हो गए। अपराधियों को गिरफ्तार करने के पुलिस छापेमारी कर रही है। वहीं इस हमले को अमन साव का नाम भी जोड़ा जा रहा है। झारखंड पुलिस हाई सिक्योरिटी में अमन साव को रायपुर जेल से रांची ले जा रही है। जहां उससे हमले को लेकर पूछताछ की जाएगी। अमन साव पर 50 से अधिक मामले रांची सहित राज्य के अगल-अलग थानों में दर्ज हैं। अमन साव का गिरोह रांची के अलावा रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो में रंगदारी मांगने के लिए सक्रिय है। गिरोह कोल माइनिंग कंपनियों, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्टर, बिल्डर, ठेकेदार और कारोबारियों को रंगदारी के लिए टारगेट कर रहा है। अगर इन्हें रंगदारी नहीं मिलती है तो गिरोह के गुर्गे या तो उन कारोबारियों के दफ्तर पर फायरिंग कर धमका रहे हैं या फिर उन्हें ही गोली मार रहे हैं। पिछले 6 माह में रंगदारी मांगने और गोली चलाने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। अमन गिरोह के खौफ से कई कारोबारियों ने अब घर से निकलना भी कम कर दिया है। उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं उन पर कोई रंगदारी नहीं देने को लेकर फायरिंग ना कर दे।

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