नक्सलिज्म समापन का दौर जारी

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कवर्धा। राज्य में भाजपा सरकार को अभी महज 14 माह ही हुए हैं. इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश भर में नक्सलियों के खिलाफ एक व्यापक मुहिम छेड़ी है, जिसका परिणाम है कि कबीरधाम, खैरागढ़ और राजनांदगांव जिलों को नक्सल मुक्त जिला घोषित किया गया है. जिले में नक्सलियों को नेस्तनाबूत करने 9 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं. इसका नतीजा है कि पिछले एक-दो वर्षों में जिले में कोई बड़ी नक्सली घटना सामने नहीं आई है. कबीरधाम जिला नक्सलियों के एमएमसी (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) जोन में आता है. प्रदेश की सीमाएं मध्यप्रदेश के बालाघाट और मंडला जिलों से लगती हैं, जहां आज भी नक्सली सक्रिय हैं. हाल ही में सीमावर्ती क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में दो इनामी महिला नक्सली मारी गई थीं.  कबीरधाम पुलिस ने जिले के बेंदा, कोयलारझोरी, खेलाही, कबीरपथरा समेत कुल 9 स्थानों पर सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं, जहां जवान चौबीसों घंटे गश्त और सर्च ऑपरेशन में लगे रहते हैं. कई बार मुठभेड़ भी हो चुकी है, जिसमें नक्सली मारे गए हैं. अब तक दर्जनों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज सेवा की राह अपनाई है. इसके अलावा पुलिस की मौजूदगी ने ग्रामीणों के बीच विश्वास भी बढ़ाया है. गांव-गांव में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस सक्रिय नक्सलियों की तस्वीरें सार्वजनिक कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है. यदि सरकार इन सुरक्षा कैंपों को बंद कर जवानों को वापस बुलाती है, तो यह फैसला नक्सलियों की गतिविधियों को फिर से बढ़ावा दे सकता है, और ग्रामीणों में डर का माहौल बना सकता है.

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