गुरमुखी सीखने एवं गुरमत ज्ञान लेने गुरुद्वारों में बड़े चाव से पहुंच रहे सिक्ख बच्चे

Posted by

रायपुर। विशेष गुरमुखी एवं गुरमत कैंप सिख समाज के बच्चों को लिखने बोलने गुरुमुखी लिपि सीखने के लिए सभी गुरुद्वारों में स्कूलों की छुट्टियों के दौरान विशेष कैंप लगाए जाते हैं गुरुद्वारों में आयोजित इन विशेष गुरमुखी एवं गुरमत कैंपों का उद्देश्य सिख समाज के बच्चों को इस इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई के दौर में अपनी मातृभाषा का ज्ञान देना है इन गुरमुखी एवं गुरमत कैंपों में 3 साल से लेकर हाई स्कूल तक के बच्चे बच्चियों को पंजाबी भाषा लिखना पढ़ना गुरबाणी का ज्ञान शब्द कीर्तन नाम सिमरन सिख पहनावा हारमोनियम बजाना तबला बजाना पगड़ी बांधना सिख इतिहास की जानकारी देना के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए गतका के गुरु भी सिखाए जाएंगे। राजधानी रायपुर के बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा में 1 में से इस विशेष की शुरुआत हो चुकी है जिसमें 100 से भी ज्यादा बच्चे गुरमुखी एवं गुरमत ज्ञान लेने बड़े चाव से उपस्थित हो रहे हैं। इस कैंप का संचालन बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत कर रहे हैं बच्चों को गुरुमुखी एवं गुरमत ज्ञान देने के लिए पंजाब से विशेष रूप से शिक्षक पहुंचे हैं। जिनमें हरमन सिंह बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा में एवं अन्य गुरुद्वारों में अलग-अलग शिक्षक बच्चों को गुरमत ज्ञान दे रहे हैं स्थानीय लोगों में ज्ञानी बात सिंह महेंद्र सिंह बलविंदर सिंह एवं समाज की वरिष्ठ महिलाएं वरिंदर कौर बंगा राज कौर आसी, परमजीत कौर छाबड़ा युवा टीम में अमनदीप कौर, नवरीत कौर आसी, शरणदीप कौर ओबराय, अजीत सिंह, गुरजीत सिंह सैनी, साहिब वीर सिंह, अमृतपाल सिंह, साहिब जोत सिंह इस विशेष गुरमत कैंप में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सेवा भी कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Categories