लोक जगत, रायपुर। पूर्व मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन मोहम्मद अकबर ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्यता को लेकर कहा है कि अगर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री स्वयं संसद में कह चुके हैं कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं, बल्कि पूरी तरह वैकल्पिक हैं, तो फिर छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर इन्हें किस अधिकार से थोपा जा रहा है?

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता के विरोध पर रोक लग सकती है, तो छत्तीसगढ़ की जनता की आवाज़ क्यों अनसुनी की जा रही है?छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों को अब स्पष्ट जवाब देना होगा— क्या वे संसद में कही गई अपनी ही सरकार की बात के साथ हैं, या जनता पर जबरन थोपे जा रहे फैसलों के साथ?जनता जवाब मांग रही है। दोहरी नीति अब नहीं चलेगी।








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