टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नारायणपुर में 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान को मिली गति…

लोक जगत, नारायणपुर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान प्रभावी रूप से जारी है। अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें त्वरित उपचार उपलब्ध कराना तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में व्यापक जनसहभागिता के साथ ठोस प्रयास करना है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से अभियान लगातार गति पकड़ रहा है।वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई माह तक जिले में 2,470 व्यक्तियों के बलगम नमूनों की जांच की गई। इनमें नारायणपुर विकासखंड के 2,111 तथा ओरछा विकासखंड के 359 व्यक्तियों के नमूने शामिल हैं। जांच के दौरान अब तक 147 टीबी मरीजों की पुष्टि हुई है। सभी चिन्हित मरीजों को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नियमानुसार उपचार से जोड़ दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को नियमित दवा, आवश्यक परामर्श, पोषण संबंधी मार्गदर्शन तथा सतत स्वास्थ्य निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें।87 हाई रिस्क गांवों में विशेष स्क्रीनिंग अभियानप्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले के 87 हाई रिस्क चिन्हित गांवों में विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अब तक 68 गांवों में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से विशेष स्वास्थ्य एवं जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में 5,801 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 4,700 व्यक्तियों की रिपोर्ट सामान्य पाई गई, जबकि 1,101 व्यक्तियों के बलगम नमूने सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच के लिए एकत्र किए गए हैं।

आधुनिक एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक के उपयोग से जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान संभव हो रही है, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।कलेक्टर नम्रता जैन की अपील पर 93 निक्षय मित्र बने मरीजों के सहयोगीटीबी मरीजों को उपचार के साथ-साथ पोषण एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में निक्षय मित्र पहल को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन एवं जिलेवासियों से की गई अपील के परिणामस्वरूप अब तक 93 जिला अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सीएसआर सहयोगियों ने आगे आकर 93 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया है। निक्षय मित्रों द्वारा मरीजों को नियमित रूप से फूड बास्केट एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण, मानसिक संबल एवं निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है।कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, उद्योगों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों के उपचार एवं पोषण सहयोग से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है और समाज के सहयोग से ही टीबी मुक्त नारायणपुर के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी.आर. कुंवर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख में कमी अथवा रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना विलंब किए अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीबी की जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी पूर्णतः उपचार योग्य एवं रोकथाम योग्य बीमारी है। समय पर जांच, शीघ्र उपचार तथा नियमित दवा सेवन से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

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