वन विभाग राजस्व विभाग रेत माफियाओं की मिलीभगत राजनीतिक खुला संरक्षण।
लोक जगत, राजनांदगांव। बारिश के पहले रेत चोरों ने ग्रामीण क्षेत्र में रेत को चिन्हांकित जगह से बड़ी मात्रा में जगह जगह झाड़ियों के पीछे छुपा कर डंप किया गया है। जंगल के नालों में रेत भंडार है, जिसका दोहन क्षेत्र के रेत माफिया खुलेआम कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी और रेत माफियाओं की मिलीभगत राजनीतिक खुला संरक्षण प्राप्त है। जिस कारण कारोबारी रेत माफिया राजस्व को लाखों का चपत लगा रहे हैं। रेत माफिया गर्मी के दिनों में बेखौफ होकर जंगल नालों से रेत निकलने के बाद, अब इन रेत चोरों ने ग्रामीण इलाकों के चिन्हांकित स्थानों पर जगह जगह भारी मात्रा में रेत का अवैध स्टॉक (डंप ) कर रखा गया है। अब इस डंप की गई रेत को ग्रामीण क्षेत्र सहित बाजार में मनमाने और महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार छुरिया गोपालपुर क्षेत्र में जंगल से रेत चोरी कर जगह जगह झाड़ियों के पीछे छुपा कर भारी मात्रा में रेत डंप किया गया है। समय समय पर क्षेत्र में रेत चोरी जारी है, रेत माफियाओं से मिलीभगत होने के कारण विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने विफल है। इस अवैध काले कारोबार में कई रसूखदार नाम शामिल हैं, जिनके तार राजनीतिक दलों से जुड़े होने के कारण स्थानीय प्रशासन इन पर हाथ डालने से कतराता रहा है। वर्तमान में छुरिया गोपालपुर क्षेत्र में जहां झाड़ियों के पीछे छुपा कर सैकड़ों ट्रिप रेत अवैध रूप से डंप कर रखा गया है। कार्यवाही से बचने के लिए रेत माफियाओं ने इस स्टॉक को झाड़ियों के पीछे छिपा कर रखा गया हैं, ताकि अधिकारियों की सीधी नजर इस पर न पड़ सके।








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