कुशालपुर एवं पुरानी बस्ती क्षेत्र में बेखौफ घूम रहे अपराधी, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त – मनोज सिंह ठाकुर

लगातार हो रही हत्याओं, चाकूबाजी और डबरी पारा की ताजा वारदात से क्षेत्रवासी दहशत में; तत्काल 24 घंटे सघन पुलिस गश्त शुरू करने की मांग।

लोक जगत, रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत कुशालपुर, डबरी पारा और आस-पास के इलाकों में लगातार बढ़ रहे गंभीर अपराधों तथा हाल ही में हुई हत्या की घटनाओं को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर (पूर्व सदस्य, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल) ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।

मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी का यह घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र आज असामाजिक तत्वों और बेखौफ अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। पिछले कुछ ही दिनों में जिस तरह से चाकूबाजी, आपसी रंजिश और कुशालपुर के डबरी पारा में हुई हत्या सहित लगातार हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, उससे स्पष्ट है कि अपराधियों के दिल से कानून और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। दिनदहाड़े और देर रात होने वाली इन वारदातों ने आम नागरिकों, व्यापारियों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर कर दिया है।
ठाकुर ने आगे कहा कि कुशालपुर, डबरी पारा और पुरानी बस्ती के अंदरूनी मोहल्लों में अवैध नशे के कारोबार, गांजे-शराब की अवैध बिक्री और असामाजिक तत्वों के खुलेआम जमावड़े के कारण आए दिन खूनी संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है। यदि पुलिस प्रशासन समय रहते इन अवैध अड्डों और गुंडा तत्वों पर कठोर कार्रवाई नहीं करता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
प्रमुख मांगें: 24 घंटे सघन पुलिस गश्त (Patrolling): कुशालपुर, डबरी पारा, पुरानी बस्ती और आसपास की सभी संवेदनशील गलियों में नियमित रूप से 24 घंटे पुलिस की पेट्रोलिंग और पैदल गश्त तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए।
अवैध गतिविधियों पर कठोर प्रहार: क्षेत्र में अवैध शराब, नशीले पदार्थों की बिक्री और असामाजिक तत्वों के अड्डों को चिन्हित कर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें ध्वस्त किया जाए।
अपराधियों पर सख्त शिकंजा: आदतन अपराधियों, चाकूबाजों और गुंडा तत्वों को सूचीबद्ध कर उन पर कड़ी गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का कड़ा भय स्थापित हो सके।
मनोज सिंह ठाकुर ने पुलिस प्रशासन और शासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को तत्काल दुरुस्त नहीं किया गया और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो वे नागरिकों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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