एमसीबी जिले के खडग़वां, ब्लाक में फर्जी बिल के सहारे सरपंच एवं सचिव सरकार को लगा रहे चूना

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कोरिया। कोरिया एमसीबी, 25/09/2023 सितंबर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खडग़वां जनपद मुख्यालय के ग्राम पंचायत देवाडाड के पारा मोहल्ले आश्रित गांवों के विकास के लिए पंचायती राज का गठन किया गया है, जहां ग्राम पंचायतों में हर पांच वर्ष के लिए गांव की जनता ग्राम पंचायत मे ग्राम की सरकार चुनाव करती है। जो अपने गांव के विकास के साथ एक जिम्मेदार नागरिक रहता है। शासन ग्राम पंचायतों को मूलभूत, 14वें- 15वें वित्त आयोग के माध्यम से प्रत्येक वित्त वर्ष में एक बड़ा फंड उपलब्ध कराती है, ताकि ग्राम पंचायते अपनी आवश्यकतानुसार सुचारू रूप से ग्रामीण जनता को मूल भूत एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अन्य विकास कार्यों को करा सके। लेकिन ग्राम पंचायत देवाडाड की जनता द्वारा चुने गए सरपंच रमेश कुमार भगत के द्वारा धन की लालसा में गांव का विकास कम किया है और सचिव के साथ मिलीभगत करके पंचायत के विकास में मद की राशि का दुरुपयोग करने में कोई कोर कसर नही छोडी है। कुछ इसी तरह का मामला जनपद पंचायत खडग़वां अंतर्गत ग्राम पंचायत देवाडाड का सामने आया है जहां के निर्वाचित सरपंच रमेश कुमार भगत ने सचिव से सांठगांठ करते हुए ऐसा करनामा किया कि भवन मरम्मत लिपाई पुताई गौठान निर्माण कार्य में जेसीबी से मिट्टी कटाई ढुलाई के नाम पर लाखों रुपए का आहरण निर्माण कार्य होने से पहले ही आहरण कर लिया गया है जिसकी जानकारी सरपंच एवं सचिव देवाडाड के द्वारा सूचना के अधिकार से स्वयं जानकारी प्रदान किया गया है जिसमें एक ही नाम पर एक ही वर्ष आन्या ट्रेडर्स देवाडाड के अलग- अलग दिनांक और अलग अलग बिलों से मूलभूत एवं 15वें वित्त मद और 14 वे वित्त मद से लाखों रुपए की राशि फर्जी बिल से निकाल ली।

और जिस निर्माण कार्य की राशि का फर्जी बिल से आहरण किया गया है उस निर्माण कार्य को एक वर्ष बाद पूरा कराया गया है जिस निर्माण कार्य में लेवर जेसीबी ट्रैक्टर और निर्माण सामग्री ग्राम पंचायत देवाडाड में दिया गया है और निर्माण कार्य वाहनों से किया गया है उस राशि के लिए दो से तीन वर्षों से लोग सरपंच ग्राम पंचायत देवाडाड रमेश कुमार भगत के पीछे घूम कर थक गए हैं और अब मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर कलेक्टर से लगातार ग्रामीणों के द्वारा शिकायत पर शिकायत सरपंच रमेश कुमार भगत पर की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायतों में आडिट किया गया है तो आडिट करने वाले अधिकारियों को ग्राम पंचायत देवाडाड में एक ही फर्म आन्या ट्रेडर्स देवाडाड के फर्जी बिल जो लाखों रुपए के आहरण हुए वो क्या आडिट करने वाले अधिकारी को दिखाई नहीं दिया क्या ? आडिट करने वाले अधिकारियों को किसी फर्जी बिलो से कोई मतलब नहीं है उन्हें सिर्फ लक्ष्मी माता की पूजा से मतलब है? ऐसे में देखा जाए तो यहां के सरपंच- सचिव पंचायती राज व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे है और फर्जी बिल के सहारे सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं मूलभूत, 14वें- 15वें वित्त आयोग के लाखों की राशि का जमकर दुरुपयोग किया है। बहरहाल ग्राम पंचायत का यह मामला कहीं न कही संबंधित विभाग में बैठे अधिकारियों की संलिप्तता और निष्क्रियता को भी दर्शाता है। इस संबंध में ग्राम पंचायत देवाडाड में पदस्थ सचिव हनुमत साहू से जानकारी चाही तो उन्होंने ने कहा कि संरपच के द्वारा ग्राम पंचायत से निर्माण कार्य की राशि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही आहरण कर लिया गया है। 

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