महासमुंद। बसना बीईओ कार्यालय में बिजली बिल भुगतान के लिए बीईओ एवं लिपिक ने सवा 6 लाख रु. का आहरण कर लिया और उक्त राशि को गबन करने के संबंध में शिकायत की गई है, जिसमें जांच हुआ। जांच में शिकायत सही मिली। संभागीय संयुक्त संचालक ने संबंधित कक्ष प्रभारी लिपिक को निलंबित करके प्रकरण शासन की ओर भेज दिया है। जानकारी अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास एवं विवेक साहू ने संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर में एक शिकायत की थी।
जिसमें उल्लेख है कि बिजली मद की राशि को बैंक से चेक के माध्यम से तात्कालीन कक्ष प्रभारी सूर्यकान्त मिश्रा एवं बीईओ जोइधाराम डहरिया ने 6 लाख 23 हजार 348 रुपए नगद आहरण किया है, लेकिन इस राशि को बिजली बिल में जमा नहीं किया। जांच में इस राशि का बिल बाउचर मांगने पर बीईओ एवं लिपिक ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाया। आहरित की गई राशि को अभी तक जमा नहीं किया गया है, जो गबन की श्रेणी में आता है। शिकायत की जांच में राकेश पांडेय संभागीय संयुक्त संचालक ने पाया कि इस प्रकरण में जोइधाराम डहरिया एवं सूर्यकान्त मिश्रा दोनों दोषी है। जिसमें सूर्यकान्त मिश्रा सहायक ग्रेड 02 को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियत्रंण तथा अपील नियम 1966 के नियम 09 के तहत निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में मिश्रा को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगी एवं मुख्यालय बीईओ कार्यालय सिमगा में स्थान नियत किया गया है।
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