क्‍या बसपा ने 3 और दिग्‍गज नेताओं को दिखा दिया बाहर का रास्‍ता?

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बसपा प्रमुख मायावती ने बताया कि मेवालाल गौतम, मुनकाद अली और नौशाद अली को निष्‍कासित करने की खबरें गलत हैं।
 
 लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के तीन वरिष्‍ठ नेताओं के निष्‍काषन की खबरों को फर्जी करार दिया है। मायावती ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र को गलत बताया है। इसको लेकर उन्‍होंने अपने X हैंडल पर पोस्‍ट भी लिखा है।
 
बसपा सुप्रीमो ने रविवार को पोस्‍ट में लिखा है – जैसा कि सर्वविदित है कि बीएसपी अध्यक्ष, जिला गाजियाबाद द्वारा कल जय प्रकाश सिंह को और बीएसपी अध्यक्ष, जिला बुलंदशहर द्वारा धर्मवीर सिंह अशोक, पूर्व विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसकी काफी चर्चा मीडिया में है, लेकिन बाद में पार्टी के तीन वरिष्ठ लोगों – मेवालाल गौतम, मुनकाद अली और नौशाद अली को पार्टी से निष्कासित करने वाला बीएसपी अध्यक्ष, जिला बुलन्दशहर के जाली लेटरपैड पर जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फेक और फर्जी है। इसलिये उस पर कतई ध्यान नहीं दिया जाए। मीडिया भी ऐसे तथ्यहीन खबरों से बचे तथा आगे ऐसे फेक खबरों पर जरूरी सावधानी बरते अर्थात् पुष्टि/सत्यापन जरूर कर ले तो यह उचित होगा।
 
रवींद्र प्रधान के जाली लेटरपैड से जारी हुई थी विज्ञप्ति
गौरतलब है कि बुलंदशहर बसपा के जिलाध्‍यक्ष रवींद्र प्रधान के जाली लेटरपैड से मेवालाल गौतम, मुनकाद अली और नौशा अली को पार्टी से निकालने संबंधी विज्ञप्ति जारी हुई थी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर हलचल का दौर शुरू हुआ तो मायावती ने पोस्‍ट कर पूरे मामले का खंडन कर दिया।
 
कुछ महीने पहले ही जयप्रकाश की बसपा में हुई थी वापसी
आपको बता दें कि एक दिन पहले मायावती ने बसपा के दो दिग्‍गज नेताओं जयप्रकाश सिंह और धर्मवीर अशोक को पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाया है। जयप्रकाश सिंह कुछ साल पहले राहुल गांधी पर विवादित बयान देने के चलते बसपा से निकाले गए थे। कुछ महीने पहले ही उनकी वापसी हुई थी। अब पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनको बसपा से निकाला गया है।

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