महिला मोर्चा की भव्य बाइक रैली: विधायक अनुज शर्मा ने बढ़ाया उत्साह…

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 नारी शक्ति का शंखनाद: 33% आरक्षण के ऐतिहासिक निर्णय पर…

 
"सदन में गूँजेगी अब ममता की कोमलता और अनुशासन की कठोरता, महिलाओं की उड़ान से ही बनेगी भारत की नई पहचान" – विधायक अनुज
 
रायपुर। देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) लागू किए जाने के ऐतिहासिक निर्णय का जश्न आज रायपुर के पुराने विधानसभा चौक पर देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित इस विशाल बाइक रैली में सैंकड़ों की संख्या में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस गौरवशाली अवसर पर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। रैली की शुरुआत में विधायक शर्मा ने झंडी दिखाकर इसे रवाना किया और स्वयं भी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए शामिल हुए।
रैली में शामिल महिला कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और पार्टी का ध्वज लिए ‘भारत माता की जय’ और ‘नारी शक्ति वंदन’ के नारे लगा रही थीं।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा नें कहा कि आज का दिन केवल एक विधेयक के पारित होने का दिन नहीं है, आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला वह दिन है। अब देश की संसद और विधानसभाओं में हमारी माताएं-बहनें सिर्फ चर्चा का विषय नहीं होंगी, बल्कि वे खुद नीतियां बनाएंगी। यह ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के स्वाभिमान का शंखनाद है।यह केवल एक आरक्षण नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण का नया अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार मिला है। अब नीतियां बनाने में महिलाओं की आवाज और बुलंद होगी। आज की यह बाइक रैली नारी शक्ति के इसी बढ़ते कदम का प्रतीक है। महिलाएं अब थमने वाली नहीं हैं। आप सिर्फ रैली नहीं निकाल रही हैं, आप बदलते भारत की तस्वीर दिखा रही हैं। जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवत्व का वास होता है, अब भारत की राजनीति इसी दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। हमारे छत्तीसगढ़ की धरती तो वैसे भी दाई-बहिनी मन के सम्मान बर जान जाथे। महतारी वंदन की यह भावना अब देश के लोकतंत्र को और भी खूबसूरत बनाएगी। जो हाथ घर की रसोई संभाल सकते हैं, जो हाथ बच्चों का भविष्य गढ़ सकते हैं, वही हाथ अब देश की बागडोर संभालने के लिए सदन में मजबूती से उठेंगे। यह उस सामर्थ्य का सम्मान है जिसने रणक्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई बनकर तलवार चलाई और ज्ञान के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले बनकर मशाल जलाई। आज का भारत बदल रहा है, यह वह भारत है जहाँ बेटियां फाइटर जेट उड़ा रही हैं, सीमाओं की रक्षा कर रही हैं और अब देश चलाने की बागडोर भी मजबूती से थामने जा रही हैं। यह आरक्षण राजनीतिक दलों के लिए केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की गति को दोगुना करने का मंत्र है। जब गाँव की चौपाल पर बैठी महिला अब देश की संसद में बैठकर कानून बनाएगी, तो उस कानून में ममता की कोमलता भी होगी और अनुशासन की कठोरता भी। अंत में श्री शर्मा ने कहा कि थककर न बैठ ऐ भारत की बेटी, अभी तो पूरा आसमान बाकी है,तेरी हिम्मत की उड़ान से ही, इस देश की नई पहचान बाकी है|
महिला मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि 33% आरक्षण मिलने से पंचायतों और नगर निकायों के बाद अब विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
यह आयोजन नारी शक्ति के प्रति सम्मान और उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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