130 समितियों के माध्यम से 182 उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर की जाएगी धान खरीदी

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 महासमुंद। राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवम्बर से प्रारम्भ किया जाएगा। जिले मे कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन मे धान खरीदी की सभी तैयारी पूर्ण कर लिया गया है। खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले में 130 समिति के माध्यम से 182 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में शासन द्वारा निर्धारित अनुमानित खरीदी 9,96,248 मीट्रिक टन के विरुद्ध 11,28,540 मीट्रिक टन की खरीदी की गई थी। इस वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में  शासन द्वारा 12,45,963 मे.टन अनुमानित धान उपार्जन का लक्ष्य प्रदान किया गया। धान खरीदी हेतु 6 विशेष जांच दल का गठन तहसीलवार किया गया है। जिसमे (तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, मंडी निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक होंगे ) इसी तरह 16 चेक पोस्ट अंतर्राज्यीय एवं अतिरिक्त पुलिस 05, वन जांच चौकी 02 के माध्यम से भी निगरानी किया जाएगा। जिले में 182 उपार्जन केंद्रों के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय नोडल एवं उपार्जन केन्द्र नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हे प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा कोचियो एवं बिचोलियों की सूची तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार को प्रस्तुत किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु आवश्यक व्यवस्था पूर्ण करने हेतु चेक लिस्ट अनुसार (35 बिन्दु) पूर्ण करा ली गई है। शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग नीति में अनुमानित धान खरीदी 1245963 मे.टन के विरुद्ध भारतीय खाद्य निगम में 439181 एवं नागरिक आपूर्ति निगम में 119900 कुल 559081 मे. टन चावल जमा की कार्य योजना प्राप्त हुई है। जिले में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी का कार्य प्रारंभ होगा।   जिससे जिले के किसानों में धान खरीदी को लेकर उत्साह का माहौल है। कलेक्टर लंगेह के मार्गदर्शन धान खरीदी की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई है। खरीदी केंद्रों में धान खरीदी अवधि, निर्धारित गुणवत्ता, समर्थन मूल्य आदि की जानकारी के सम्बन्ध में बैनर एवं दीवार लेखन का कार्य किया गया है। वहीं किसानों के बैंक खातों के मिलान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु स्थल की साफ-सफाई, पेयजल, किसानों के बैठने हेतु छायादार स्थान, त्रुटिरहित धान खरीदी हेतु कांटा-बांट अथवा  इलेक्ट्रॉनिक कांटा का सत्यापन, मॉइश्चर मीटर का कैलीब्रेशन किया गया है। उपार्जन केंद्रों में कैप कवर, बारदाने की व्यवस्था, कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, इंटरनेट सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की सतत निरागनी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी-बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। धान खरीदी केन्द्रों में मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। 

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