कांग्रेस के इमरान मसूद ने सोनम वांहचुक को बताया ‘दूसरा अऩ्ना’, BJP ने किया पलटवार

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वांगचुक पर सरकार से ‘निजी समझौता’ करने का आरोप लगाया, जिसे बीजेपी ने छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक क्रेडिट की लड़ाई में बदलने का प्रयास बताया। यह घटनाक्रम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एंटी-पेपर लीक कानून पर भी सियासी खींचतान को दर्शाता है।

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। 26 दिनों से सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त हो गया है। हालांकि, इसको लेकर विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वह अन्ना (सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे) का दूसरा रूप हैं। अन्ना 12 साल तक चुप रहे और अब सोनम वांगचुक चुप रहेंगे। कल आप सरकार के साथ समझौता कर रहे थे; उस समय क्या वहां कोई छात्र मौजूद था? सरकार के साथ आपके निजी समझौते के अलावा और क्या है?

वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने सोनम वांगचुक के बारे में इमरान मसूद की अन्ना पार्ट टू और सरकार के साथ पर्सनल डील वाली टिप्पणियों पर पलटवार किया है। शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी हैं, जिस तरह से उन्होंने सोनम वांगचुक का अपमान किया है। राहुल गांधी कभी सोनम वांगचुक के पास नहीं गए, वे 21 दिनों तक छुट्टी पर थे और उन्होंने कभी छात्रों या उनके विरोध-प्रदर्शन की परवाह नहीं की। आज, जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक से बात की है, उनका अनशन खत्म कराया है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की उनकी मांग मान ली है, तो राहुल चर्चा से भाग रहे हैं और अपने सांसदों से सोनम वांगचुक को अपशब्द कहलवा रहे हैं। वे इसलिए बहुत परेशान हैं क्योंकि उन्हें इसका क्रेडिट नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पीएम छात्रों के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं; वे ही लगातार फास्ट-ट्रैक कोर्ट, नकल-रोधी कानून, NEET परीक्षा का सही ढंग से आयोजन और शिक्षा मंत्रालय में कार्रवाई जैसे मुद्दों के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी को देखिए। उनके अपने राज्यों में पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन वे एक चपरासी को भी नौकरी से नहीं निकालते, कोई कार्रवाई नहीं करते। और अब वे सोनम वांगचुक को अपशब्द कह रहे हैं, उनका अपमान कर रहे हैं क्योंकि उन्हें क्रेडिट चाहिए। यह क्रेडिट की लड़ाई है, छात्रों की लड़ाई नहीं।

प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक संसद में पेश किए जाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। कॉजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे कड़ा कदम प्रधान को पद से हटाना होगा। 

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी जी, कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह आपके द्वारा की जा सकने वाली सबसे सख्त कार्रवाई होगी। कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रधानमंत्री की घोषणा पर कटाक्ष किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक व्यक्ति बिना चारदीवारी वाले परिसर का प्रवेश द्वार बंद करता नजर आ रहा है।

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