जनता के धन की बर्बादी और गरीब की बेबसी दिखी दीया उत्सव में – दीपक बैज

लोक जगत, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी के जन्मदिन के दिन देश की गरीबी और शासक की फिजूल खर्ची का एक नमूना सड़कों पर देखने को मिला। गरीब बच्चे अधजले दीये से डिब्बे में तेल एकत्रित कर रहे थे। यह बेहद मार्मिक दृश्य था। एक तरफ लोगों को तेल न खाने की अपील कर बचत का नारा देने वाले मोदी अपने जन्मदिन में लाखों लीटर तेल बर्बाद करवा दिया, दूसरी तरफ उसी दीये के बचे तेल में गरीब का बच्चा जीवन खोज रहा है। मोदी के जन्मदिन पर पूरे देश में दीया उत्सव मनाया गया, लाखों दीये मोदी के जन्मदिन पर सरकारी मशीनरी को फूंक कर जलवाया गया। छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ दीये जलाने का दावा भाजपा ने किया है। इसके लिए राज्य की पूरी मशीनरी को झोक दिया गया। शासकीय कर्मचारी, शिक्षक, स्कूली बच्चे, आंगनबाड़ी की बहनें, स्वास्थ्य मितानिन बहनें, पंचायत के कर्मचारी सभी को टारगेट दिया गया। जो दीया जलाया गया उसमें जनता के धन की बर्बादी की गयी। अधिकारियों को तेल दीया, रंगोली आदि सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाया गया। पूरी तरह से इसे शासकीय कार्यक्रम के जैसे आयोजित किया गया जबकि कहा गया कि यह भाजपा का आयोजन है। सरकार बताए कि आयोजन पर कितना पैसा खर्च हुआ? 1.50 करोड़ दीयों की खरीद किसने की? दीयों में इस्तेमाल होने वाले तेल की व्यवस्था किसने की? बाती, परिवहन, सजावट, मंच, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं पर कितना खर्च हुआ? इस पूरे आयोजन का कुल बजट कितना है? इसका भुगतान किस मद से किया गया? एक दीये का पूरा खर्च 10 रू. भी हुए तो 1.50 करोड़ दिये पर लगभग 15 करोड़ रू. सरकार ने फूंका, साथ ही अन्य खर्च को मिला दे तो इस इवेंट में 50 करोड़ रू. से अधिक जनता की कमाई का पैसा बर्बाद किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जिस यूपीआई को देश की डिजिटल क्रांति की पहचान बताकर प्रचारित किया गया। लोगों को ऑनलाइन लेने-देने की आदत लगाई गयी। आज उसी के इस्तेमाल पर आम जनता से लगभग 85 हजार करोड़ रुपया से अधिक वसूलने की तैयारी में है मोदी सरकार। मोदी सरकार ने पहले जनता को कैशलेस भुगतान की ओर धकेला, अब उसी व्यवस्था को कमाई का जरिया बनाने की कोशिश हो रही है। देश का छोटा दुकानदार दिनभर में दर्जनों डिजिटल भुगतान करता है। यदि हर लेनदेन पर शुल्क लगा, तो इसका सीधा असर उसके मुनाफे और आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा। दुकानदार तो मजबूरी के ग्राहक से वसूली करेगा। कांग्रेस, यूपीआई पर शुल्क का विरोध करती है तथा सरकार से इसको वापस लेने की मांग करती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा 2025 के सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित करने का फैसला अपर्याप्त बताया है। केवल साक्षात्कार स्थगित करना ही समाधान नहीं है। आयोग 2025 के मुख्य परीक्षा की कॉपी भी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराये ताकि अभ्यर्थी उनको दिये गये नंबरों का स्वमूल्यांकन कर संतुष्ट हो सके। आयोग ने 2025 की परीक्षा को मुख्य परीक्षा में 265 पदों के विरूद्ध 795 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू के लिये चयनित नहीं किया है। आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिये योग्य माना है। साक्षात्कार 187 अभ्यर्थी कम पहुंचे है, जो 1ः3 के नियम के विरुद्ध है। पीएससी का कहना है कि 187 अभ्यर्थी न्यूनतम 66 और 46 नंबर नहीं प्राप्त कर पाये है। ऐसे में बच्चो को कॉपी देने से ही समाधान होगा। 2024 की परीक्षा में अभ्यर्थियों की जो उत्तर पुस्तिका सामने आयी है, उसके अनुसार मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया सामने आई थी। अभ्यर्थियो को नंबर गलत दिये गये थे। इसलिये यदि आयोग का दावा है कि उसके मूल्यांकन में 187 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिये योग्य नहीं है तो उसे इसे प्रमाणित करने उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के पहले उपलब्ध करवाना चाहिये।

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