बिलासपुर। आज मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत दर्रीघाट में विश्व अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस धूमधाम से मनाया गया। यह दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1987 में नशा मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करने के उद्देश्य से चुना गया था।

इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनिया को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से मुक्त करना है।इस अवसर पर, जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय के विशेष मार्गदर्शन में, स्वैच्छिक संस्था ‘छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान लखनपुर जिला सरगुजा छग ‘ के अंतर्गत संचालित ‘नशा मुक्ति केंद्र सरकंडा’ द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्प्रभावों पर गहन चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान, नशा मुक्ति केंद्र सरकंडा से पधारे वक्ताओं और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दररीघाट पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि श्री संतराम कश्यप जी और सचिव श्री कैलाश पटेल जी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। साथ ही, पंचगण श्री बीनू कुमार, श्री फागू राम, श्री सुनील और श्री राहुल अंचल जी ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में ‘नव बिहान टीम’ से श्रीमती रितु कश्यप, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लता खांडे, मितानिन श्रीमती कमला बाई बंजारे और रोजगार सहायक रितु टंडन जी का योगदान सराहनीय रहा।
इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र सरकंडा के स्टाफ सदस्य श्रीमती श्वेता चटर्जी, श्री युवराज, श्री दीपक, श्री संदीप,श्री राजकुमार, श्री बेनी माधव राजवाड़े ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान द्वारा प्रकाशित नशा विरोधी पम्पलेट का वितरण किया गया। उक्त कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान के प्रदेश सचिव सुरेन्द्र साहु के मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों को नशा मुक्त भारत का सक्रिय हिस्सा बनने और कभी भी नशे का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और उत्साह ने इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में मदद की।








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