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बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं: कलेक्टर के निर्देश पर नलकूप के पास बन रहा सेप्टिक टैंक तत्काल बंद

स्वच्छ पेयजल की सुरक्षा के लिए प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, भविष्य में जल प्रदूषण की आशंका को समय रहते टाला गया।

राजनांदगांव/डोंगरगढ़। जिला कलेक्टर जितेन्द्र यादव के जनहितैषी निर्देशों पर डोंगरगढ़ एसडीएम विश्वास कुमार के मार्गदर्शन में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ग्राम मूसरा कला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के समीप नलकूप के पास बनाए जा रहे सेप्टिक टैंक के निर्माण को तत्काल रुकवाकर बंद करा दिया। इस कार्रवाई से विद्यालय के बच्चों और आसपास के लोगों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।जानकारी के अनुसार, प्रकाश निषाद द्वारा विद्यालय के समीप स्थित नलकूप के पास सेप्टिक टैंक का निर्माण कराया जा रहा था। प्राथमिक जांच में यह आशंका सामने आई कि भविष्य में सेप्टिक टैंक से होने वाले रिसाव के कारण भूजल दूषित हो सकता है, जिससे नलकूप का पानी पीने योग्य नहीं रहेगा। इसका सबसे अधिक असर विद्यालय में अध्ययनरत मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम विश्वास कुमार के निर्देशन में नायब तहसीलदार चिराग रामटेके मौके पर पहुंचे, स्थिति का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराते हुए सेप्टिक टैंक को निष्प्रभावी कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पेयजल स्रोतों के आसपास ऐसे निर्माण, जो जल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं, किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई की स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन ने सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की समय पर की गई पहल से भविष्य में होने वाले संभावित जल प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे को टाल दिया गया है।

जनता के लिए संदेश स्वच्छ पानी प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। पेयजल स्रोतों के आसपास सेप्टिक टैंक, गंदे पानी की निकासी या अन्य प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पेयजल स्रोतों के आसपास इस प्रकार की गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया जा सके।

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