सत्ता के मोह में शास्त्र और आचार्य की अवहेलना करने वाले सनातनी नहीं, अवसरवादी हैं: मनोज सिंह ठाकुर

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रायपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने आज एक कड़ा वक्तव्य जारी करते हुए धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो तथाकथित हिंदू और सनातनी आज इस ‘धर्म युद्ध’ में जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के शास्त्रीय निर्णयों के साथ खड़े नहीं हैं, वे सनातनी नहीं बल्कि केवल पाखंडी और अवसरवादी हैं।
श्री ठाकुर ने आगे कहा:
"सनातन धर्म की नींव वेदों, पुराणों और जगद्गुरुओं की परंपरा पर टिकी है। जो लोग केवल पार्टीगत लाभ या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए शास्त्रों की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और जगद्गुरु का विरोध कर रहे हैं, वे सीधे तौर पर धर्म-द्रोह कर रहे हैं। याद रखें, सत्ताएँ आती-जाती रहती हैं, लेकिन धर्म और उसकी परंपराएं शाश्वत हैं।"
भाजपा की दोहरी राजनीति और षड्यंत्र पर प्रहार:
"मनोज सिंह ठाकुर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भाजपा की मानसिकता और अंधभक्ति में डूबे कुछ लोग स्वयं को ‘धर्म का ठेकेदार’ समझते हैं, लेकिन सत्ता के अहंकार में वे जगद्गुरु शंकराचार्य जी के विरुद्ध कुप्रचार और उन्हें फंसाने की साजिश रच रहे हैं। यह वही लोग हैं जो धर्म का उपयोग केवल वोट के लिए करते हैं, परंतु जब शास्त्रों की मर्यादा और सत्य की बात आती है, तो वे अपने राजनैतिक आकाओं को खुश करने के लिए पूज्य आचार्यों का अपमान करने से भी पीछे नहीं हटते।"
भाजपा समर्थित पाखंडी ताकतों को चेतावनी:
"ठाकुर ने आगे कहा कि वे भाजपा समर्थित पाखंडी तत्व और स्वयंभू संत जो सत्ता की गोद में बैठकर जगद्गुरु के विरोध में खड़े हैं, वे धर्म के रक्षक नहीं बल्कि भक्षक हैं। अंधभक्ति की पट्टी बांधकर शंकराचार्य जी जैसे शास्त्रीय स्तंभ को गलत ठहराने की कोशिश करने वालों को इतिहास कभी क्षमा नहीं करेगा। जो लोग आज जगद्गुरु के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं, वे समझ लें कि सत्य को दबाया जा सकता है, पराजित नहीं। धर्म की रक्षा के इस महासंग्राम में असली सनातनी जगद्गुरु के साथ अडिग है, और इन पाखंडी ताकतों का पर्दाफाश होकर रहेगा।"

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