मृत नक्सली की नहीं हुई पहचान, जनसहयोग संस्था ने किया अंतिम संस्कार

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कांकेर। कांकेर जिले के छोटेबेटिया थाना क्षेत्र के कुरुषनार जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए थे। इनमें से 2 नक्सलियों की पहचान होने पर उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। एक महिला नक्सली की पहचान 2 दिन बाद हुई और उसका शव भी परिजनों को दे दिया गया। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी एक पुरुष नक्सली की पहचान नहीं हो पाई। फ्रीजर में रखा शव खराब होने लगा था। कोतवाली पुलिस ने जनसहयोग संस्था के संचालक अजय पप्पू मोटवानी से संपर्क किया। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। जनसहयोग संस्था के संचालक मोटवानी ने कहा कि मृत्यु के बाद सभी शरीर एक जैसे होते हैं। कोई भेदभाव नहीं रहता। उन्होंने बताया कि वे बिना किसी भेदभाव के यह कार्य करते हैं। संस्था 2013-14 से लावारिस नक्सलियों का अंतिम संस्कार कर रही है। अब तक कांकेर जिले में मारे गए लगभग 20 नक्सलियों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। पुलिस ने मृत नक्सली की पहचान के लिए छत्तीसगढ़ के सभी थानों में जानकारी भेजी, लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया। नक्सलियों के परिजन आमतौर पर शव लेने आते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। संस्था के संचालक ने बताया कि अब तक जिले में 154 शव का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। आज 155वां शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस पूरे अंतिम संस्कार कार्यक्रम में बल्लू राम यादव, करण नेताम, सागर देव, आशुतोष देव, सागर गोस्वामी, अभिषेक नागवंशी, जितेंद्र पाठक, प्रभु सलाम, नायाब तहसीलदार दुर्गावती कुजूर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश सिंह, राकेश ध्रुव, पर्वत पोया शामिल हुए।

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