आने वाले दिनों में दूध भी होगा महंगा

Posted by

आम आमदनी के ऊपर से महंगाई का बोझ कम होने का नाम नहीं ले रहा है. हरी सब्जियां, दाल, चावल और मसालों के बाद अब दूध भी रसोई का बजट बिगाडऩे वाला है। कर्नाटक में 1 अगस्त से लोगों के लिए दूध खरीदना महंगा हो जाएगा। कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि बढ़ी हुई कीमतें 1 अगस्त से लागू होंगी. हालांकि, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (्यरूस्न) ने भी सरकार से दूध के दाम बढ़ाने की मांग की थी. उन्होंने कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी. इस बढ़ोतरी के बाद भी कर्नाटक में दूध का रेट अन्य राज्यों के मुकाबले सस्ता रहेगा. यहां दूध की शुरुआती कीमत 39 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, सबसे सस्ता दूध आंध्र प्रदेश में 56 रुपये लीटर बिकता है. इसी तरह, तमिलनाडु में शुरुआती कीमत 44 रुपये और केरल में शुरुआती कीमत 50 रुपये प्रति लीटर है। जबकि दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में टोंड दूध 54 रुपये प्रति लीटर बिकता है।  वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि नंदिनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अन्य ब्रांडों पर भी पड़ सकता है। देखा-देखी दूसरे राज्यों में अन्य डेयरी कंपनियां भी दूध के दाम बढ़ा सकती हैं. इससे इस महंगाई में जनता का बजट बिगड़ जायेगा. हालांकि, केएमएफ अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में दूध खरीद में भारी गिरावट आई है. पिछले वर्ष प्रतिदिन 94 लाख लीटर दूध खरीदा जाता था, जो अब घटकर 86 लाख लीटर रह गया है। उनका कहना है कि किसान अधिक कीमत मिलने के कारण निजी कंपनियों को दूध बेच रहे हैं. इससे दूध का संकट हो गया है. यही वजह है कि दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया।  खैर, केएमएफ अधिकारियों की दलील जो भी हो, लेकिन उत्तर भारत में भी दूध की कीमत में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है. आने वाले दिनों में 3 प्रति लीटर. क्योंकि उत्तर भारत में चारे के साथ-साथ पशु आहार भी 25 फीसदी तक महंगा हो गया है. 

इसका सीधा असर दूध के उत्पादन पर पड़ रहा है. अब किसानों को दुधारू मवेशियों के चारे पर ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. ऐसे में वे लागत निकालकर डेयरी कंपनियों को महंगे दाम पर दूध बेच रहे हैं. यही कारण है कि महंगी खरीदारी के कारण डेयरी कंपनियां कीमतें भी बढ़ा सकती हैं। गौरतलब है कि दूध की कीमतें लगभग हर साल बढ़ती हैं. खासकर पिछले 12 सालों में दूध की कीमत में 57 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन, पिछले साल कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. साल 2022 में दूध 10 रुपये महंगा हो गया. इसके अलावा फरवरी महीने में दूध की कीमत में भी 3 रुपये का इजाफा हुआ है. ऐसे में लोगों को डर है कि कहीं नंदिनी को देखकर दूसरी कंपनियां भी दूध का रेट न बढ़ा दें. अगर ऐसा हुआ तो इस महंगाई में रसोई का बजट बहुत खराब हो जाएगा. फिर भी पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में बाढ़ के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई है, जिसका सीधा असर आने वाले महीनों में चारे पर पड़ेगा. क्योंकि धान की पराली का उपयोग अधिकतर चारे के रूप में किया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत में औसत से काफी कम बारिश हुई है, जिससे धान के रकबे में कमी की आशंका बढ़ गई है. इसका असर मवेशियों के चारे पर भी पड़ेगा. ऐसे में अगर चारा महंगा हुआ तो दूध के दाम भी बढ़ सकते हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *