क्यों गिर रहा हैं सोना-चांदी का दाम

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सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिली है जिसके बाद सोना तीन हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इन्वेस्टमेंट के नजरिये से सोना और चंडी काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पिछले कुछ समय के दौरान सोने के दाम अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गए थे लेकिन हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. आइए इस गिरावट के पीछे मौजूद प्रमुख कारणों के बारे में जानते हैं. सोना-चांदी गिरे जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जहां सोने की कीमतों में काफी मामूली सी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी के दामों में 0.33त्न की गिरावट देखने को मिली है. एमसीएक्स पर सोना 0.07त्न की गिरावट के साथ 59,392 रूपए प्रति दस ग्राम की कीमत पर ट्रेड कर रहा था. दूसरी तरफ भारतीय बाजार में सोने के दामों में 1त्न से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. कल भारतीय बाजार में सोने के दाम 59,298 रूपए के स्तर पर बंद हुए थे. क्यों हुई गिरावट? हाल ही में रेटिंग एजेंसी फिच ने अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग को ्र्र्र से कम करके कर दिया था. एजेंसी द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद गुरूवार को डॉलर की स्थिति मजबूत होती दिखाई दी थी और साथ ही बॉन्ड यील्ड की स्थिति भी मजबूत हुई. इसके साथ ही भारत में सोने की मांग में भी पिछले कुछ समय के दौरान गिरावट देखने को मिली थी. इस साल के दौरान अप्रैल-जून के बीच भारत में सोने की ज्वेलरी में सालाना आधार पर 8त्न की गिरावट देखने को मिली थी. 6 हफ्तों में सबसे कम कीमत पर सोना इन्हीं कुछ प्रमुख कारकों की वजह से सोना पिछले 6 हफ्तों के दौरान अपनी अब तक की सबसे निचली कीमत पर दर्ज किया है. दरअसल अमेरिका का निजी पैरोल डेटा मजबूत हुआ जिसकी वजह से मार्किट में यह भावना बनने लगी कि अमेरिका इन्फ्लेशन से बच सकता है और इन्हीं उम्मीदों को देखते हुए फेडरल रिजर्व अब आने वाले समय में दरों को और ज्यादा बढ़ा सकता है. और उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में रेपो-रेट में बढ़ोत्तरी भी करेगा. ऐसे में एक महत्त्वपूर्ण सवाल ये भी है कि क्या आगे भी सोने की कीमतों में गिरावट जारी रहेगी? अब आगे क्या? एक्सपट्र्स का मानना है कि अभी दुनिया भर के देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने सोने के भंडारों में ज्यादा से ज्यादा बढ़ोत्तरी की जाएगी. अगर आने वाले समय में ऐसा होता है तो साफ़ तौर पर सोने की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है. एक्सपट्र्स का मानना है कि इन्वेस्टर्स को अपने पोर्टफोलियो में विविधता को बढ़ाना चाहिए और सोने में इन्वेस्टमेंट करने पर ध्यान चाहिए. केडिया कैपिटल के फाउंडर अजय केडिया का मानना है कि आने वाले 6 महीनों के भीतर सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है और सोने की कीमतें 65,000 रूपए के स्तर तक जा सकती हैं.

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