नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल ही में जीवन बीमा पॉलिसियों पर कर की गणना के लिए नियमों को अधिसूचित किया है, जहां वार्षिक प्रीमियम भुगतान 5 लाख रुपये से अधिक है। मालूम हो कि बजट में 5 लाख रुपये के सालाना प्रीमियम भुगतान के साथ ली गई जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर लगाने का प्रस्ताव किया गया है. सीबीडीटी ने बताया कि 1 अप्रैल, 2023 के बाद जारी की गई ऐसी पॉलिसियों की परिपक्वता राशि को करदाताओं द्वारा अतिरिक्त आय के तहत दिखाया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्तिगत स्लैब के अनुसार कर लगाया जाना चाहिए। रुपये का वार्षिक प्रीमियम भुगतान। यदि यह 5 लाख से कम है तो उन पॉलिसियों की परिपक्वता राशि पर धारा 10 के तहत कर छूट मिलेगी। बजट में यूलिप को छोडक़र सभी जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। हालांकि, व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली बीमा आय कर प्रणाली में नहीं बदली है। छूट उपलब्ध है.पर कर की गणना के लिए नियमों को अधिसूचित किया है, जहां वार्षिक प्रीमियम भुगतान 5 लाख रुपये से अधिक है। मालूम हो कि बजट में 5 लाख रुपये के सालाना प्रीमियम भुगतान के साथ ली गई जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर लगाने का प्रस्ताव किया गया है. सीबीडीटी ने बताया कि 1 अप्रैल, 2023 के बाद जारी की गई ऐसी पॉलिसियों की परिपक्वता राशि को करदाताओं द्वारा अतिरिक्त आय के तहत दिखाया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्तिगत स्लैब के अनुसार कर लगाया जाना चाहिए। रुपये का वार्षिक प्रीमियम भुगतान। यदि यह 5 लाख से कम है तो उन पॉलिसियों की परिपक्वता राशि पर धारा 10 के तहत कर छूट मिलेगी। बजट में यूलिप को छोडक़र सभी जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। हालांकि, व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली बीमा आय कर प्रणाली में नहीं बदली है। छूट उपलब्ध है.पर कर की गणना के लिए नियमों को अधिसूचित किया है, जहां वार्षिक प्रीमियम भुगतान 5 लाख रुपये से अधिक है। मालूम हो कि बजट में 5 लाख रुपये के सालाना प्रीमियम भुगतान के साथ ली गई जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर लगाने का प्रस्ताव किया गया है. सीबीडीटी ने बताया कि 1 अप्रैल, 2023 के बाद जारी की गई ऐसी पॉलिसियों की परिपक्वता राशि को करदाताओं द्वारा अतिरिक्त आय के तहत दिखाया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्तिगत स्लैब के अनुसार कर लगाया जाना चाहिए। रुपये का वार्षिक प्रीमियम भुगतान। यदि यह 5 लाख से कम है तो उन पॉलिसियों की परिपक्वता राशि पर धारा 10 के तहत कर छूट मिलेगी। बजट में यूलिप को छोडक़र सभी जीवन बीमा पॉलिसियों पर आयकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। हालांकि, व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली बीमा आय कर प्रणाली में नहीं बदली है। छूट उपलब्ध है।


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