‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा शहर: रायपुर में निकली गणेश विसर्जन भव्य झांकियां, महात्यागी रामरूपदास जी महाराज, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दासजी महाराज, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं दक्षिण कौशल के पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन दास ने किया स्वागत…

लोक जगत, रायपुर। राजधानी रायपुर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 28 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की विसर्जन झांकियां अत्यंत भव्यता और दिव्यता के साथ निकाली गई। भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर इस गरिमामयी धार्मिक आयोजन में समूचा शहर बप्पा की आराधना में लीन नजर आया।

इस पावन अवसर पर रायपुर डाकघर के सामने अखिल भारतीय संत समिति के मंच पर महात्यागी रामरूपदास जी महाराज, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दासजी महाराज, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं दक्षिण कौशल के पीठाधीश्वर महंत राजीव लोचन दास, नंदन जैन, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, अमरजीत सिंह, किशोर महानंद और आकाश विग, भाजपा नेता व समाजसेवी बसंत अग्रवाल, सहित अनेक साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने सभी झांकी समितियों को शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया।

आपको बता दें कि, अखिल भारतीय संत समिति के द्वारा रायपुर में गणेशोत्सव के अवसर पर विभिन्न गणेश पूजा उत्सव समितियों द्वारा निकाली गई भव्य झांकियों को सम्मानित करने के लिए 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को शाम 4 बजे से माँ भारती विद्यालय, मच्छी तालाब, गुढ़ियारी, रायपुर में झांकी प्रतियोगिता एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजन में झांकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली समितियों को पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें प्रथम पुरस्कार 51,000, द्वितीय पुरस्कार 31,000 और तृतीय पुरस्कार 21,000 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। आयोजकों ने गणेश उत्सव समितियों, झांकी कलाकारों और नागरिकों से समारोह में शामिल होने की अपील की है।

नगर भ्रमण के दौरान पूरा रायपुर शहर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा। शोभायात्रा के दौरान एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला, जब भक्ति और उत्सव के इस अलौकिक माहौल में भाजपा नेता और समाजसेवी बसंत अग्रवाल स्वयं को बप्पा की भक्ति में रंगने से रोक नहीं पाए। वे आम जनता के बीच पहुंचे और उत्सव के आनंद में सराबोर होकर ढोल-ताशों की थाप पर युवाओं के साथ जमकर झूमते और थिरकते नजर आए। उनका यह आत्मीय और सहज अंदाज देखकर उपस्थित जनसमूह का उत्साह दोगुना हो गया। इससे पूर्व उन्होंने प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आरती उतारी एवं पूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर विघ्नविनाशक का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस पावन अवसर पर विशाल जनसमूह को मंच से संबोधित करते हुए बसंत अग्रवाल ने कहा कि वे आज भगवान गजानन के श्रीचरणों में शीश झुकाकर संपूर्ण क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हैं। उन्होंने श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की कि बप्पा का आशीर्वाद हमारे प्रदेश के हर घर, हर किसान, हर युवा और हर माता-बहन पर सदैव बना रहे। रातभर चलने वाले इस भव्य एवं आकर्षक झांकी प्रदर्शन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर की इस पावन धरा पर भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का जो समंदर उमड़ा है, उसे देखकर उनका हृदय गद्गद हो गया है। उन्होंने मनमोहक दृश्यों का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो साक्षात देवलोक ही रायपुर की सड़कों पर उतर आया हो।

आयोजन की भव्यता और शांतिपूर्ण व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा कि जिस असीम समर्पण, कलात्मकता और आत्मीयता से आप सभी ने इन भव्य झांकियों का निर्माण किया है, वह वास्तव में अद्भुत और अविश्वसनीय है। रायपुर का यह गणेश उत्सव और यहाँ की झांकियां आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक धरोहर और अटूट आस्था की एक अनुपम मिसाल हैं। इतना विशाल आयोजन, अपार भीड़ और इतना बड़ा उत्सव जब पूर्ण शांति और सद्भाव के साथ संपन्न होता है, तो वह पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श बन जाता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक और अनुशासित आयोजन के लिए सभी गणेश उत्सव समितियों, कलाकारों और जागरूक नागरिकों के साथ-साथ विशेष रूप से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को उनके असीम सहयोग और मुस्तैदी के लिए हृदय से साधुवाद दिया।

विस्तृत मार्ग पर शोभायात्रा के भ्रमण के दौरान बसंत अग्रवाल ने मंच से सभी गणेश उत्सव समितियों की मनमोहक झांकियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने अगाध श्रद्धा के साथ श्रद्धालुओं और नयनाभिराम झांकियों पर निरंतर पुष्प वर्षा कर उपस्थित जनसमूह का उत्साहवर्धन किया। विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने पूरे समय उत्सव का भरपूर आनंद उठाया। देर रात तक चले इस भव्य और दिव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, अगाध आस्था और भक्ति का एक अनूठा व अविस्मरणीय संगम देखने को मिला, जो रायपुरवासियों के मानस पटल पर सदैव के लिए अंकित हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts