छत्तीसगढ़ के एक निजी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई, आयुष्मान योजना से 3 साल के लिए किया गया बाहर…

लोक जगत, रायपुर। राजधानी के शंकर नगर स्थित वरदान हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य योजनाओं के नियमों के कथित उल्लंघन और गड़बड़ियों के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीयन आगामी तीन वर्षों के लिए रद्द कर दिया है।
इस प्रतिबंध के कारण अब यह अस्पताल योजना के अंतर्गत किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही, अस्पताल परिसर से योजना से जुड़ी सभी प्रकार की प्रचार सामग्रियों को तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जांच में सामने आई थीं ये गंभीर अनियमितताएं…
यह पूरी कार्रवाई एक उच्च स्तरीय जांच दल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और उसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण की समीक्षा के आधार पर की गई है। जांच के दौरान अस्पताल में कई तरह की गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
0 मरीजों की अनावश्यक भर्ती: अस्पताल में कई मरीजों को बिना वास्तविक आवश्यकता के भर्ती किए जाने का मामला सामने आया।
0 गलत उपचार पैकेज: कुछ मामलों में सामान्य बीमारियों या अन्य शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों को गंभीर बीमारियों के बड़े उपचार पैकेजों के तहत दर्ज किया गया।
0 दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की कमी: निरीक्षण के समय वार्डों में मरीजों की फाइलों, डॉक्टरों के नोट्स और आवश्यक जांच रजिस्टरों का रखरखाव सही नहीं पाया गया। साथ ही, कुछ मामलों में जरूरी एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट्स भी रिकॉर्ड में नहीं मिलीं।
0 एजेंटों के माध्यम से मरीजों का आना: जांच दल को पड़ताल के दौरान बाहरी राज्यों या अन्य जगहों से एजेंटों के जरिए मरीजों को अस्पताल लाने के संकेत भी मिले।

प्रबंधन का पक्ष और एजेंसी का निर्णय…
अनियमितताएं सामने आने के बाद राज्य एजेंसी की ओर से अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अस्पताल ने अपना जवाब प्रस्तुत करते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया और प्रशासनिक व चिकित्सकीय प्रक्रिया का हवाला देते हुए स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया।
हालांकि, जांच एजेंसी ने अस्पताल के स्पष्टीकरण को संतोषजनक और तथ्यात्मक रूप से पर्याप्त नहीं माना। एजेंसी का मानना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों से नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है।

पारदर्शी व्यवस्था के लिए सख्त कदम…
संबंधित अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र नागरिकों को सही समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। इस तरह की योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ इस प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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