चंडीगढ़: पंजाब ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में दो दिन पहले 6 मई के आदेश को संशोधित करने या वापस लेने के लिए याचिका दायर की थी। बुधवार को न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और केंद्रीय सरकार से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई अब 20 मई को होगी, जो पहले तय 28 मई से एक सप्ताह पहले कर दी गई है। पंजाब ने अपनी याचिका में दावा किया कि 6 मई का आदेश पूरी तरह से गलत तथ्यों पर आधारित था, क्योंकि उस आदेश में पंजाब को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णयों का पालन करने को कहा गया था। पंजाब का कहना था कि बैठक में अतिरिक्त 4,500 क्यूसेक पानी की रिहाई का मुद्दा था, लेकिन बैठक की कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं था और संबंधित राज्यों के बीच दस्तावेज भी साझा नहीं किए गए थे। पंजाब ने कोर्ट को बताया कि गृह सचिव को पानी के आवंटन पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं था और इसलिए, राज्य इस आदेश का पालन करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

-

रायपुर संभाग के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न…
by
-

साहू समाज का कार्यक्रम के दौरान आरोपियो द्वारा उक्त नगदी रकम 65200/- रू. चोरी के मामले में 04 आरोपी गिरफ्तार…
by
-

कुशल और सक्षम युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव
by

Recent Posts
-

रायपुर संभाग के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न…
-

साहू समाज का कार्यक्रम के दौरान आरोपियो द्वारा उक्त नगदी रकम 65200/- रू. चोरी के मामले में 04 आरोपी गिरफ्तार…
-

कुशल और सक्षम युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव
-

जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल


Leave a Reply