लोक जगत, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मैनपाट क्षेत्र में नाबालिग बेटियों को घरेलू काम के नाम पर 3 हजार रु से 12 हजार रु प्रतिमाह तक में बाहर भेजे जा रहे।जिसमें से कुछ बच्चियों के कथित तौर पर लापता होने की खबर है।ये तो छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था और बाल संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।आखिर सरकार की योजना का लाभ गरीबो को क्यो नही मिल रहा है?गरीब माता पिता को आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के सौदे करने पड़ रहे है?महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी से महिलाओं के मजबूत होने के दावे तो हवा हवाई निकली।सरकार गरीबो को मदद करने में असफल साबित हो गई हैं।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जिस उम्र में बेटियों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में उनका पैसों के लिए सौदा किया जा रहा है और भाजपा सरकार मौन है। दूरस्थ आदिवासी अंचलों में नाबालिग बच्चियां इस तरह असुरक्षित हैं तो सरकार की योजनाएं और प्रशासनिक निगरानी किस काम की है?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार बतायें मैनपाट क्षेत्र से बाहर भेजी गई नाबालिग बच्चियों की सौदेबाजी पर मौन क्यों है?जिन गरीब माता पिता अपने नाबालिक बच्चियों को बेचने मजबूर है फिर कहाँ है सुशासन? बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों ने अब तक ठोस कार्रवाई क्यो नही की?जिन लोगों ने बच्चियों को काम के नाम पर बाहर ले जाने के लिए सौदे किए, उसकी जांच और कार्यवाही कब होगी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सौदेबाजी की घटना शर्मनाक है।भाजपा सरकार की नाकामियों का परिणाम है।इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर मैनपाट के प्रभावित गांवों में विशेष जांच अभियान चलाए, बाहर भेजी गई सभी नाबालिग बच्चियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो।बेटियों के सौदा करने वालो पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।सरकारी योजनाओं का लाभ उन गरीब माता पिता तक क्यो नही पहुँचा इसके लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही हो।योजना का लाभ उन गरीब माता पिता को मिले इसके अलावा सरकार उन सभी परिवारो को अतिरिक्त आर्थिक मदद करे।







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