लोक जगत, रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन और एसीसीयू (ACCU) के चुनिंदा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके बेहतरीन और सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने खुद इन पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया। यह सम्मान हत्या, अपहरण जैसे गंभीर मामलों को सुलझाने, चोरी का माल बरामद करने, अवैध हथियारों पर कार्रवाई करने और साइबर ठगी के पीड़ितों को उनके पैसे वापस दिलाने में किए गए शानदार प्रदर्शन के लिए दिया गया।

इन मामलों में पुलिस ने दिखाई तत्परता:
0 अंधे कत्ल का पर्दाफाश: खमतराई थाना पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए प्रोफाइलिंग की मदद से एक हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को दबोचा।
0 24 घंटे में अपहरण का खुलासा: इसी थाना क्षेत्र से जुड़े प्रतीक राय अपहरण मामले में पुलिस ने महज एक दिन के भीतर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से अपहृत व्यक्ति को सुरक्षित रायपुर वापस ले आई।
0 बड़ी चोरी का खुलासा और हथियार जब्ती: गुढ़ियारी थाना पुलिस ने एक ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 11.58 लाख रुपये कीमती संपत्ति बरामद की। इसके अलावा, एक अन्य कार्रवाई में देशी पिस्टल और मैगजीन के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
0 महज 6 घंटे में बच्चे की बरामदगी: गुढ़ियारी पुलिस ने एक डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही त्वरित एक्शन लिया और महज 6 घंटे के अंदर नागपुर से बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला तथा आरोपी को गिरफ्तार किया।
0 पंडरी में चोरी पर त्वरित कार्रवाई: पंडरी थाना पुलिस ने भी चोरी के एक मामले में पेशेवर तरीके से जांच कर घटना का खुलासा किया।
साइबर ठगी के मामलों में शानदार सफलता:
गुढ़ियारी थाने में तैनात आरक्षक केदार सिंह राजपूत को एमआरएम (MRM) पोर्टल के जरिए पूरे रायपुर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा साइबर ठगी के पीड़ितों की रकम वापस कराने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके इस प्रयास से कई नागरिकों को डूबे हुए पैसे वापस मिले हैं।
अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति:
इस सम्मान समारोह के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला, डीसीपी नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे, एसीपी पंडरी कृष्ण कुमार चंद्राकर और एसीपी उरला पूर्णिमा लामा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी सम्मानित कर्मियों की पीठ थपथपाई और उन्हें भविष्य में भी इसी निष्ठा, ऊर्जा और टीम भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने, गंभीर मामलों का तुरंत खुलासा करने और आम जनता को त्वरित पुलिस सहायता मुहैया कराने के लिए यह प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए।







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