लोक जगत, रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हो रहे चक्रवाती तूफान के चलते छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 115 से 140 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ 25 से 29 अक्टूबर के दौरान प्रदेश के बस्तर, रायपुर, दुर्ग समेत अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त ने मैदानी अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
0 फसल सुरक्षा व कटाई: पकी हुई फसलों की कटाई फिलहाल 2 से 4 दिनों के लिए टाल दें। कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध करें।
0 दवाइयों का छिड़काव: बारिश के दौरान कीटनाशक या कवकनाशी का इस्तेमाल न करें। मौसम साफ होने के बाद ही छिड़काव करें।
0 रबी बुआई व सब्जियां: रबी की बुआई नवंबर के पहले सप्ताह तक स्थगित रखें। करेला, लौकी जैसी बेल वाली फसलों और केले के पेड़ों को हवा से बचाने के लिए सहारा दें।
0 पशुधन का बचाव: पशुओं को खुले में या पेड़ों के नीचे न बांधें। उन्हें सुरक्षित, सूखे स्थान पर रखें और पर्याप्त पीने का पानी व सूखा चारा मुहैया कराएं।
वैज्ञानिकों ने सभी ग्रामीण और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और सावधानियां बरतने की सलाह दी है।








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