लोक जगत, नई दिल्ली। देशभर के वाहन चालकों को आरटीओ (RTO) के चक्कर काटने और लंबी कागजी कार्यवाही से मुक्ति दिलाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और त्वरित बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस नए बदलाव से लाइसेंस में संशोधन से लेकर नए नियम लागू करने तक आम जनता को कई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

नए बदलावों के प्रमुख बिंदु…
- पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट अब बिल्कुल मुफ्त
अब ड्राइविंग लाइसेंस में अपना नया पता, फोन नंबर या ईमेल आईडी अपडेट कराने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। यदि आवेदक आधार वेरिफिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन अप्लाई करता है, तो यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क होगी। इसका उद्देश्य सरकारी डेटाबेस में चालकों की नवीनतम जानकारी बिना किसी शुल्क के अपडेट रखना है। - समय-सीमा का पालन न होने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वतः मंजूरी)
आरटीओ की ढिलाई और लेट-लतीफी पर अंकुश लगाने के लिए सख्त समय-सीमा तय की जा रही है:
0 पता बदलने पर: ऑनलाइन आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर यदि अधिकारी फैसला नहीं लेते हैं, तो उसे अपने आप स्वीकृत (Deemed Approved) मान लिया जाएगा।
0 नाम व निजी जानकारी में बदलाव: अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निर्णय लेना होगा।
0 वाहन श्रेणी हटाने का आवेदन: 7 दिनों के अंदर स्वतः निपटारा किया जाएगा। - झंझटमुक्त आवेदन के लिए एकीकृत ‘फॉर्म 2A’…
कागजी काम को आसान बनाने के लिए मंत्रालय अलग-अलग फॉर्म की जगह एक संयुक्त ‘फॉर्म 2A’ पेश कर रहा है।
0 लाइसेंस रिन्यू (नवीनीकरण), डुप्लीकेट डीएल जारी करने या नई गाड़ी की कैटेगरी जोड़ने के लिए अब केवल एक ही फॉर्म काम आएगा।
0 ‘सारथी’ पोर्टल में सुधार किया जा रहा है, जिससे आवेदक का विवरण अपने आप (Auto-fill) प्रदर्शित हो जाएगा। - पते के प्रमाण (Address Proof) के नियमों में छूट…
किराएदारों और नए स्थान पर शिफ्ट हुए लोगों की सुविधा के लिए पते के प्रमाण के नियमों को आसान बनाया गया है। अब पिछले 3 महीने तक पुराना बिजली बिल, पीएनजी या गैस कनेक्शन का बिल भी मान्य एड्रेस प्रूफ के रूप में स्वीकार किया जाएगा। - आपातकालीन नंबर और अंगदान का विकल्प…
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दो विशेष कॉलम जोड़े गए हैं:
0 किसी भी दुर्घटना की स्थिति में परिजनों को तुरंत सूचित करने के लिए इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर देना अनिवार्य होगा।
0 आवेदकों को अंगदान (Organ Donation) के प्रति जागरूक करने के लिए फॉर्म में एक स्पष्ट विकल्प दिया जाएगा।
30 दिनों में मांगे गए सुझाव…
मंत्रालय ने इस नए ड्राफ्ट को राजपत्र (Gazette) में जारी कर आम जनता और सभी संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। प्राप्त सुझावों के समीक्षा के बाद ही इसे पूरे देश में आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।








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