धान का अवैध परिवहन रोकने तीन पालियों में ड्यूटी लगाने का आदेश जारी…

लोक जगत, रायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार बस्तर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान 15 नवम्बर से 15 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से अवैध धान लाकर जिले के सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों में विक्रय करने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा सीमावर्ती जांच नाकों पर राजस्व, मण्डी, वन एवं होमगार्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की 24 घंटे की तीन पालियों में ड्यूटी लगाने का आदेश जारी किया गया है। 

जारी निर्देशों के तहत नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक अन्य राज्यों से धान का आयात केवल संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की पूर्व अनुमति से ही संभव हो सकेगा। हालांकि 3300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक लागत वाले सुपर फाइन धान के लिए संचालक की अनुमति की अनिवार्यता नहीं रहेगी, परंतु संबंधित आयातक को जिला खाद्य नियंत्रक को इसकी अग्रिम सूचना देना अनिवार्य होगा।

सीमा पर आने-जाने वाले सभी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उनका बाकायदा पंजी संधारित कर प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। यदि कोई भी वाहन बिना वैध दस्तावेजों के धान का परिवहन करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी प्रत्येक समय-सीमा की बैठक में की गई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। अवैध धान की आवक को पूरी तरह रोकने के लिए जिले के सात प्रमुख सीमावर्ती नाकों धनपुंजी, भेजापदर, नलपावण्ड, तारापुर, पोटियावण्ड, कोलावल और बदलावण्डकृपर त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। इन सभी नाकों पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक अधिकारियों, पटवारियों, ग्राम पंचायत सचिवों, वन अमले और नगर सैनिकों की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई है। स्थानीय प्रशासन के इस कदम से न केवल बिचौलियों और अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फिरेगा, बल्कि क्षेत्र के वास्तविक और पंजीकृत किसानों के हितों की भी पूरी सुरक्षा होगी।

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