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बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार…

रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत थाना कोतरारोड़ पुलिस ने अप्रैल माह से लापता नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

अप्रैल माह में घर से लापता हुई थी बालिका…

जानकारी के अनुसर 27 अप्रैल 2026 को बालिका के पिता ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 अप्रैल की रात परिवार के सभी सदस्य घर में सोए हुए थे। देर रात लगभग 2 बजे उठने पर घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला तथा उनकी नाबालिग पुत्री घर में नहीं थी। परिजनों द्वारा आसपास काफी तलाश करने के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका व्यक्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट पर थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 129/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

लगातार बदलते लोकेशन के बीच पुलिस ने कोड़ातराई से किया दस्तयाब…

थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार बालिका की पतासाजी में जुटी रही। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पहले बालिका के विशाखापट्टनम में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम रवाना होने की तैयारी कर रही थी कि इसी बीच लोकेशन ओडिशा के संबलपुर में प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबलपुर के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही बालिका का लोकेशन पुनः बदल गया।

लगातार तकनीकी निगरानी और सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने 26 जून 2026 को रायगढ़ जिले के कोड़ातराई क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग अपहृत बालिका को संदेही धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) के कब्जे से सकुशल दस्तयाब किया। बालिका का महिला पुलिस अधिकारी से कथन कराया गया जिसमें संदेही द्वारा शादी का प्रलोभन देकर विशाखापट्टनम और ओडिशा के संबलपुर ले जाना और शारीरिक शोषण करना बताई, आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया…

बालिका के कथन एवं विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) के विरुद्ध प्रकरण में धारा 87, 65(1) BNS, 6 पॉक्सो एक्ट जोडी गयी। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर, PSI क्षितिज देवांगन, एएसआई मनमोहन बैरागी और आरक्षक राजेश खांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश…

“रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक बच्चा सुरक्षित और प्रत्येक परिवार का विश्वास सर्वोपरि है। ‘अभियान संवेदना’ के तहत गुम बालक-बालिकाओं की शीघ्र सकुशल दस्तयाबी तथा उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

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