युवाओं ने खोला मोर्चा: निर्वाचन आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर जेन-जी का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग…

लोक जगत, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर 2 नवंबर को युवाओं के जबरदस्त आक्रोश और बुलंद नारों का गवाह बना। देश के भावी युवाओं (जेन-जी) ने चुनाव प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य बिंदु मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का तत्काल प्रभाव से इस्तीफा मांगना था।

सुबह से ही जंतर-मंतर पर दिल्ली सहित आसपास के राज्यों से आए हजारों छात्र, युवा और विभिन्न युवा संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि एकत्र होने लगे थे। हाथों में तख्तियां, डिजिटल बैनर और राष्ट्रीय ध्वज लिए युवाओं ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता, पारदर्शी मतदान प्रक्रियाओं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम में जवाबदेही को लेकर तीखे सवाल उठाए।

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प्रदर्शन की मुख्य बिंदु:
0 मुख्य मांग: युवाओं का आरोप है कि आयोग हालिया चुनावों में निष्पक्षता और पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहा है, इसलिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
0 सोशल मीडिया से सड़कों तक: ‘फ्री एंड फेयर इलेक्शन’ और ‘अकाउंटेबिलिटी नाउ’ जैसे हैशटैग से शुरू हुआ यह अभियान 2 नवंबर को जमीनी आंदोलन में बदल गया।
0 अहिंसक विरोध: युवाओं ने पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से गिटार बजाकर, नुक्कड़ नाटक करके और कविताएं गाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल युवा प्रतिनिधियों ने कहा, “लोकतंत्र की नींव निष्पक्ष चुनाव पर टिकी है। यदि देश की युवा पीढ़ी को ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र कमजोर होगा। ज्ञानेश कुमार को अपना पद छोड़ना चाहिए ताकि आयोग में जन-विश्वास बहाल हो सके।”
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, युवाओं ने पूरे अनुशासन के साथ अपना ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा।

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