लोक जगत, रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पर्व हरेली तिहार के अवसर पर NSUI जिला रायपुर ग्रामीण द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं का सम्मान किया गया। हरेली को छत्तीसगढ़ का पहला तिहार माना जाता है, जो हरियाली, कृषि, प्रकृति और किसान जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की आरती से हुई। इसके पश्चात उपस्थित NSUI पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से छत्तीसगढ़ का राज्यगीत गाया। कार्यक्रम में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर NSUI प्रदेश प्रवक्ता शाहिद खान ने कहा, “हरेली हमारे लिए केवल एक तिहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, खेत-खलिहान और हमारी लोकसंस्कृति से जुड़ी भावनाओं का पर्व है। हमारी संस्कृति की खूबसूरती यही है कि यहां त्योहार केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने का संदेश भी देते हैं। छत्तीसगढ़ महतारी की आरती और राज्यगीत के माध्यम से हमने अपनी माटी और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “आज के समय में युवाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी लोकपरंपराओं, तीज-त्योहारों और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना जरूरी है। NSUI हमेशा छात्रहित के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और प्रदेश की पहचान से जुड़े विषयों को सम्मान देने का कार्य करती रहेगी। हरेली हमें प्रकृति और अन्नदाता किसान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा भी देता है।”
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से NSUI प्रदेश सचिव विकास राजपूत, प्रदेश प्रवक्ता शाहिद खान, जिला ग्रामीण उपाध्यक्ष मुंशाद अली, बिरगांव ब्लॉक अध्यक्ष रिथिक देवांगन, ग्रामीण सचिव राजा वर्मा, बिरगांव ब्लॉक उपाध्यक्ष लविन बंजारे एवं राकेश गेंडले सहित NSUI के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








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