ममता बनर्जी ने की आरोपी को फांसी देने की मांग, रेप पीड़िता के लिए सड़क पर उतरीं

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में मौलाली से डोरीना चौराहे तक एक विरोध रैली का नेतृत्व किया, जिसमें कोलकाता की महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की गई, जिसकी पिछले सप्ताह एक सरकारी कॉलेज और अस्पताल में कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गयी थी। ममता ने इस रैली में कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी बातें फैला कर सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है, लोगों को इस झूठ से बचना होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ आए हजारों तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और सांसदों ने आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग करते हुए नारे लगाए। इस रैली से पहले भी ममता सीबीआई को जल्द जांच पूरी करने और आरोपी को फांसी देने का अल्टीमेटम दे चुकी हैं।

 
हम चाहते हैं कि सच सामने आए, लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है:  ममता बनर्जी
रैली में ममता बनर्जी ने अस्पताल में हुई तोड़-फोड़ के लिए भाजपा और सीपीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन दोनों के गठजोड़ का पर्दाफाश होना चाहिए, इनके गुंडों के खिलाफ जनता ने और डॉक्टरों ने जो साहस दिखाया, उसको मैं सलाम करती हूं। ममता ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि सच समाने आए लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। हमें झूठ से बचने की जरूरत है। इससे पहले जब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी तो ममता ने अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि जल्द से जल्द आरोपी को फांसी की सजा होनी चाहिए।
 
भाजपा और सीपीएम का प्रदर्शन भी जारी, हिरासत में लिए गए बड़े नेता
आरजी कर अस्पताल के बाहर भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया,इस दौरान उन्हें पुलिस का सामना करना पड़ा। भाजपा नेत्री रूपा गांगुली को पुलिस द्वारा हिरासता में ले लिया गया। इसके साथ ही भाजपा के महिला मोर्चा ने भी आज शाम को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य के एक और विपक्षी दल सीपीएम ने स्वास्थ मंत्री और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे राज्य में धिक्कार दिवस की घोषणा की थी।
 
आरजी कर मेडीकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रहीं ट्रेनी डॉक्टर के साथ नौ अगस्त को कॉलेज अस्पताल के सेमिनार कक्ष में कथित तौर पर बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। अगले दिन मामले में एक अस्पताल में ही काम करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को करीब 40 लोगों के एक समूह ने अस्पताल में घुसकर इमरजेंसी विभाग, नर्सिंग यूनिट और मेडीकल स्टोर में तोड़फोड़ की। पीटीआई कि रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ ने सेमिनार हॉल के एक हिस्से में भी तोड़फोड़ की, जहां डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। भीड़ ने उस मंच पर भी तोड़फोड़ की, जहां जूनियर डॉक्टर एक महिला डॉक्टर के कथित बलात्कार और हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और अपने कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग कर रहे थे। पुलिस ने एक्शन लेते हुए इस इस हमले में शामिल करीब 25 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
 
पश्चिम बंगाल पुलिस के एडिशनल कमिश्नर मुरलीधर शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान सभी ने एक ही बात दोहराई कि वह सभी यहां पर अपनी मर्जी से आए थे। लेकिन हम किसी साजिश की संभावना से इंकार नहीं कर सकते। हम हर नजरिए से इसकी जांच कर रहे हैं।

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