मुक्ति धाम में बेटी को पता चला यह मेरे पिता नहीं

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 भिलाई : मुक्ति धाम में कोरोना पीड़ित एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के पहले जमकर हंगामा हुआ । हुआ यह कि जिस दशरथ मारकंडे का शव बताकर परिजानों को दिया गया था असल में वह शव किसी और का निकला । इसका खुलाशा भी उस वक्त हुआ जब बेटी ने पिता के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई। पिता की जगह दूसरे का शव देखकर बेटी चीख पड़ी तब कोविड अस्पताल की लापरवाही सामने आई । तितुरडीह कर्मचारी नगर निवासी 52 वर्षीय दशरथ मारकंडे को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भिलाई जुनवानी स्थित शंकराचार्य कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे तीन दिन से भर्ती थे, जहां उसकी मौत हो गई। शंकराचार्य कोविड अस्पताल के कर्मचारियों ने मृतक दशरथ मारकंडे के परिजनों को इसकी जानकारी दी और शव को परिजनों को सौंप दिया। अस्पताल से शव मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के दौरान बेटी ने अपने पिता के अंतिम दर्शन करने की इच्छा जताई। बेटी की इच्छा पर पीपीई किट के भीतर से ही चेहरा दिखाया गया। चेहरा देखते ही बेटी चीख पड़ी। मुक्तिधाम में बेटी चिल्लाकर बोली ये मेरे पिता नहीं हैं। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों ने पास जाकर देखा तो जो शव अस्पताल ने दिया था वह दशरथ मारकंडे का नहीं दूसरे पुरुष का था। इसके बाद मृतक दशरथ मारकंडे के परिजनों ने मुक्तिधाम में हंगामा कर दिया।

 

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