लोकतंत्र का जन-आक्रोश दिल्ली की सड़कों पर, रामलीला मैदान की गूंज से भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू – दीपक बैज

लोक जगत, रायपुर। दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन के ऐतिहासिक सफलता पर भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि लोकतंत्र यह जन आक्रोश रुकेगा नहीं देश के कोने कोने तक पहुंचेगा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित दिल्ली की रैली में शामिल सभी कांग्रेसजनों का आभार व्यक्त करते हुए दीपक बैज ने कहा कि आज देश और छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र को एक सोची-समझी साजिश के तहत बंधक बनाया जा रहा है। दिल्ली के रामलीला मैदान से जो शंखनाद हुआ है, वह इस बात का सबूत है कि देश की जनता भाजपा के तानाशाही रवैये और वोट चोरी के षड्यंत्र को अब और सहन नहीं करेगी। छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने यहां के किसानों, महिलाओं और युवाओं के साथ जो विश्वासघात किया है, उसका हिसाब अब जनता सड़क पर उतरकर लेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकारें जनता के जनादेश और वोट की ताकत से डरती हैं, इसलिए वे चोर दरवाजे से लोकतंत्र का गला घोंटने, वोट चोरी का षड्यंत्र रच रही हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान से उठी यह चिंगारी अब छत्तीसगढ़ के हर गांव और शहर तक पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ में भी 25 लाख मतदाताओं को दुर्भावना पूर्वक मतदान के अधिकार से वंचित किया है, जो संवैधानिक अपराध है। छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता और यहां के मेहनतकश किसानों-आदिवासियों के साथ वादाखिलाफी करने वाली यह सरकार दिल्ली के इशारे पर काम कर रही है। छत्तीसगढ़िया हितों को ताक पर रखकर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसे यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा और विधानसभा ही नहीं, पंचायत चुनाव से लेकर नगरीय निकायों तक प्रशासनिक मशीनरी का खुला दुरुपयोग देखा जा रहा है। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक, भाजपा सरकारें अपनी असफलताओं को छुपाने और चुनावी धांधली तथा संस्थाओं को कमजोर करने के जरिए सत्ता हथियाने के षड्यंत्र में जुटी हैं। जनता के मताधिकार को कुचलने का यह प्रयास देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक भाजपा सरकारें लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता का गला क्यों घोंट रही हैं? क्या जनता के वोट से डर लगने लगा है? भाजपा को जनता के वोटों पर नहीं, बल्कि अपनी साजिशों पर भरोसा है, इसीलिए दिल्ली के रामलीला मैदान से लेकर छत्तीसगढ़ की गलियों तक लोकतंत्र का तांडव शुरू हो चुका है।

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