लोक जगत, रत्नागिरी (महाराष्ट्र)।
मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के आपराधिक मामले में चिपलून की एक विशेष अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी शिक्षक उदय नामदेव वेल्हाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ दोषी पर आर्थिक जुर्माना भी आयत किया है। यह शर्मनाक वाकया गुहागर तालुका स्थित एक विद्यालय का है, जहां आरोपी दूसरी कक्षा की एक बच्ची को पढ़ाता था।

विशेष न्यायाधीश डी. बी. म्हालटकर ने मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय दिया। इस केस में अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष वरिष्ठ लोक अभियोजक पुष्पराज शशिकांत शेट्ये ने दलीलें पेश कीं।
कैसे सामने आई घटना?
यह मामला मार्च 2020 का है। 7 मार्च को जब बच्ची स्कूल से वापस आई, तो उसकी शारीरिक स्थिति असामान्य लग रही थी। मां ने जब सहलाते हुए कारण पूछा, तो पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई और शिक्षक की करतूत के बारे में बताया। इसके तुरंत बाद परिजनों ने गुहागर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई।
10 गवाहों के आधार पर सुनाया गया फैसला…
पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच पूरी की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। चिपलून स्थित विशेष न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 10 गवाह पेश किए। अदालत ने गवाहों के बयानों और ठोस सबूतों के आधार पर उदय नामदेव वेल्हाल को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।







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