रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत उत्तर प्रदेश से दो शातिर साइबर ठग गिरफ्तार…

लोक जगत, रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ अभियान के तहत रायपुर रेंज की साइबर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर ठगी करने और शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।

आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के कड़े निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह सफलता हाथ लगी है।

मामला पहला: आईएएस अधिकारी की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी…
सुशांत पनका नामक शख्स ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात शख्स ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम पर एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल तैयार की है। इस शिकायत पर राखी थाने में संबंधित धाराओं (बीएनएस और आईटी एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर जांच रेंज साइबर थाने को सौंपी गई थी।

साइबर टीम ने गूगल, फेसबुक और टेलीकॉम कंपनियों से मिले डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपी की पहचान अर्जुन कुमार जाटव (निवासी हमीरपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

अहम खुलासे: पुलिस की पूछताछ और आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में देश के कई अन्य नामचीन जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस इस दिशा में भी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मामला दूसरा: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 88 लाख की ठगी…
रश्मि शर्मा नाम की प्रार्थी ने रेंज साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 88 लाख रुपये ठग लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप चैट के तकनीकी पहलुओं की गहराई से छानबीन की।
जांच के दौरान मुख्य आरोपी प्रवीण कुमार दीक्षित (निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश) का नाम सामने आया। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ के नाम से फर्जी कंपनियां और बैंक खाते संचालित करता था, जिसमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी।

विस्तृत रिकॉर्ड: पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के खिलाफ देश भर के लगभग 11 अलग-अलग थानों और साइबर सेल में पहले से ही धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण:
0 अर्जुन कुमार जाटव (उम्र 23 वर्ष), पिता- मुन्नू कुमार, निवासी- ग्राम पारा, तहसील मौदहा, जिला हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)।
0 प्रवीण दीक्षित (उम्र 46 वर्ष), पिता- विद्याभूषण दीक्षित, निवासी- पांडु नगर, हंसनगर, कानपुर (उत्तर प्रदेश)।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य साथियों की तलाश तेजी से की जा रही है।

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