लोक जगत, रायपुर। सेंट्रल जेल रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को परखने और किसी भी तरह की गैर-कानूनी सामग्री की धरपकड़ के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने अचानक छापा मारा। कमिश्नरेट पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की अगुवाई में यह सर्च ऑपरेशन चार घंटे चला।
इस औचक निरीक्षण की कमान डीसीपी क्राइम आईपीएस स्मृतिक राजनाला, डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और एडीएम उमाशंकर बाँधे के हाथों में थी। अभियान को अंजाम देने के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU), क्राइम ब्रांच और सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों के लगभग 50 जवानों व अधिकारियों का दस्ता तैयार किया गया था।

अलग-अलग टीमों ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों ने कई अलग-अलग टीमें बनाईं, जिन्होंने एक साथ अलग-अलग बैरकों में प्रवेश कर बंदियों और उनके सामान की गहन जांच की। महिला बैरक की चेकिंग के लिए महिला अधिकारियों व कर्मचारियों की अलग टीम तैनात की गई थी।
इस व्यापक तलाशी अभियान के जमीनी संचालन की जिम्मेदारी एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एडिशनल डीसीपी (ACCU) गौरव मंडल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और प्रशिक्षु डीएसपी अमित कोसमा संभाल रहे थे।
तलाशी में नहीं मिली कोई आपत्तिजनक चीज…
करीब चार घंटे तक चली इस व्यापक छानबीन में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित या संदेहास्पद सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल के भीतर अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मुस्तैद रखने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। कार्रवाई के अंत में अधिकारियों ने जेल प्रबंधन को सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।







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