गृह मंत्री साहू ने किया फाइलेरिया मुक्ति राष्ट्रीय अभियान व सहयोगी रेडियो का शुभारंभ

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दुर्ग। लोक निर्माण कृषि व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू बुधवार को स्वामी विवेकानंद सभागार पदमनाभपुर में आयोजित ग्रामीण स्तरीय मितानिन सम्मेलन एवं समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर फाइलेरिया मुक्ति राष्ट्रीय अभियान और सहयोगी रेडियों 91.2 एफ.एम. थनोद का शुभारंभ किया। अभियान के दौरान मितानिन दीदियों द्वारा क्यूलेक्स, एडीज व एनोफ्लीज से बचाव एवं फ़ाइलेरिया को जड़ से हटाने के लिए कार्य किया जाएगा। साहू ने इस दौरान मितानिन भवन के लिए 20 लाख रूपए की घोषणा करते हुए उन्हें उनके कार्याे की सराहना की। सहयोगी रेडियों 91.2 एफ.एम. का उद्देश्य समुदाय की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय भाषा एवं बोली में पंचायती राज, कृषि, पर्यावरण, संस्कृति, मौसम, शिक्षा, खेल, आजीविका, स्थानीय कार्यक्रमों व जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रसारण सामुदायिक रेडियो स्टेशन के माध्यम से एक साझा मंच की व्यवस्था करना है। इससे सामुदायिक रेडियो में श्रोताओं की सहभागिता एवं भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। रेडियो पर छत्तीसगढ़ी व हिन्दी भाषा में गोठ-बात, वार्ता, साक्षात्कार, फोन-इन, गीत-संगीत, कविता, कहानी, सफलता की कहानी, एकांकी, चौट शो, प्रश्न मंच, मन की बात, जिज्ञासा समाधान, आज का चिंतन, प्रेरक प्रसंग, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं समसामायिक सूचनाओं का प्रसारण होगा।

कार्यक्रम के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन दीदियों को उनके उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया। मितानिन दीदी कुंती नेताम, पिपरछेड़ी को कैंसर को ठीक करने में मदद, दोनों पैरों का ऑपरेशन एवं रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल में कृत्रिम अंग लगवाने में मदद के लिए सम्मानित किया गया। मितानिन कुंती द्वारा एक 60 वर्षीय महिला जिनके आधार कार्ड में 30 वर्ष होने के कारण पेंशन नहीं मिल पा रहा था, उनका आधार कार्ड सुधरवाया गया एवं प्रसव के समय खून की कमी वाली एक महिला को अपने पति से खून डोनेट करवाया गया। इसी प्रकार मितानिन पिंककला देशमुख, थनौद द्वारा 23 वर्षीय किशोरी के स्तन कैंसर ऑपरेशन में सहयोग एवं 45 वर्षीय महिला को रोजगार गारंटी योजना तहत भुगतान की राशि दिलवाई गई। मितानिन जानकी सिंहा, बोरई द्वारा एक टीबी मरीज की मृत्यु पश्चात घर के अन्य सदस्यों की टीबी लक्षण की जांच करवाई गई। ज्योति गोस्वामी, नगपुरा द्वारा 6 वर्षीय बच्ची को सांप डसने पर बैगा इलाज से छुड़वाकर तत्काल जिला अस्पताल में इलाज दिलाया गया एवं मलेरिया की दो मरीजों का मेकाहारा में इलाज कराने में मदद व उनके घर के सदस्यों के लिए स्वयं भोजन की व्यवस्था की गई। लता साहू, खपरी ने एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला की जिला अस्पताल दुर्ग में सुरक्षित प्रसव में मदद की एवं मानसिक रोगी का जिला अस्पताल में इलाज भी कराया। अंजनी देशमुख, खाड़ा ने बीपी मरीज को गंभीर स्थिति में पाए जाने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया एवं गांव की राशन दुकान से लोगो को अतिरिक्त चावल दिलवाने में मदद की। उर्वशी देशमुख, कुथरेल ने एक हितग्राही को पेंशन दिलाने में मदद की एवं एक कुष्ठ रोगी की जांच कराई। राधा शर्मा धनोरा ने एक महिला को हिंसा से बचाया एवं पड़ोसी से समझौता करवाया। गर्भवती महिला को पैसे देकर आर्थिक सहायता की। लक्ष्मी देवदास, मतवारी ने दो मानसिक रोगी को सेंदरी भेजकर इलाज करवाया। परिवार भ्रमण के दौरान प्रसव वेदना से जूझ रही गर्भवती महिला को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाई एवं एक टीबी के मरीज का इलाज करवाया। पेमिन सेन, भरदा ने एक नवजात शिशु की जान बचाई, एक महिला को हिंसा से बचाया एवं दो कुष्ठ मरीजों की मदद कर उन्हें लाभ दिलाया। प्रमिला साहू डूंडेरा ने कुष्ठ के 12 मरीजों का अपनी देख-रेख में इलाज कराया। खून की कमी वाली गर्भवती महिला को खून दिलाने में मदद की। उक्त सभी मितानिन दीदियों को उनके उत्कृष्ट कार्याे हेतु सम्मानित किया गया। 

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