खोह में जाती जिंदगियां

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 पिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ‘ट्रैफिकिंग इन पर्संस’ रिपोर्ट-2020 भारत में मानव तस्करी को लेकर कुछ अहम तथ्यों की ओर ध्यान खींचती है। रेटिंग के हिसाब से देखा जाए तो भारत को पिछले साल की तरह इस बार भी टियर-2 श्रेणी में ही रखा गया है। आधार यह कि सरकार ने 2019 में इस बुराई को मिटाने की अपनी तरफ से कोशिश जरूर की लेकिन मानव तस्करी रोकने से जुड़े न्यूनतम मानक फिर भी हासिल नहीं किए जा सके।

ध्यान रहे, सरकारी कोशिशों के इसी पैमाने पर रिपोर्ट ने पाकिस्तान को पहले से एक दर्जा नीचे लाते हुए टियर-2 वॉच लिस्ट में रखा है, जबकि चीन को और भी नीचे टियर-3 में। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सरकार अपनी तरफ से इस समस्या को खत्म करने की कोशिश भी नहीं कर रही। बहरहाल, भारत के बारे में रिपोर्ट कहती है कि यह आज भी वर्ल्ड ह्यूमन ट्रैफिकिंग के नक्शे पर एक अहम ठिकाना बना हुआ है। इसके उलट अगर हम नैशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति लगातार बेहतर होती दिख रही है। 

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