लोक जगत, कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ उपसंभाग के अंतर्गत आने वाले ताड़ोकी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ अंधविश्वास और इलाज की आड़ में एक नाबालिग किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले कथित वैद्यराज को पुलिस ने धर दबोचा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।

क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत इसी साल अप्रैल माह में हुई थी, जब पीड़ित 14 वर्षीय किशोरी की तबियत ठीक नहीं चल रही थी। परिजन उसे ठीक कराने के लिए ताड़ोकी थाना क्षेत्र के ग्राम आमागांव निवासी 44 वर्षीय वैद्यराज रमेश कुमार पिस्दा के पास ले गए थे।
आरोपी वैद्य ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि बच्ची की बच्चेदानी में गंभीर समस्या है और उसने इलाज के नाम पर एक ताबीज थमा दिया। परिवारवालों के मन में किसी तरह का कोई संदेह नहीं हुआ, इसलिए वे झांसे में आ गए और आरोपी के कहने पर अलग-अलग तारीखों पर किशोरी को दोबारा उसके पास भेजते रहे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी झाड़-फूंक और इलाज के बहाने बच्ची को उसके परिजनों से अलग ले जाता था। इसके बाद वह उसे नशीली दवाइयां खिलाकर बेहोश कर देता था और लगातार उसका यौन शोषण करता था।
अस्पताल में खुला काला सच
इस जघन्य कृत्य का खुलासा तब हुआ जब अक्टूबर महीने में अचानक किशोरी की तबीयत एक बार फिर से बहुत ज्यादा बिगड़ गई। घबराए हुए परिजन उसे तुरंत अंतागढ़ के अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में जब डॉक्टरों ने नाबालिग की चिकित्सीय जांच (मेडिकल चेकअप) की, तो जो रिपोर्ट सामने आई उसने सभी के होश उड़ा दिए। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि किशोरी करीब 5 महीने की गर्भवती है। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर लौटने के बाद जब परिजनों ने डरी-सहमी बच्ची से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने वैद्यराज रमेश कुमार पिस्दा की तमाम करतूतों का कच्चा-चिट्ठा खोलकर रख दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बच्ची की आपबीती सुनने के बाद परिजनों ने बिना एक पल गंवाए ताड़ोकी थाने का रुख किया और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमे ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार पिस्दा (पिता स्व. अमर सिंह पिस्दा, उम्र 44 वर्ष, निवासी ग्राम आमागांव) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़क धाराओं—जैसे धारा 64(1), 64(2)(m), 65(1)—और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 व 6 के तहत संगीन अपराध पंजीबद्ध किया। ताड़ोकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।








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