लोक जगत, रायपुर। छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र और सचिव शिरीष त्रिवेदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों की समस्याओं पर अनेक बार माननीय मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय , उच्च शिक्षामंत्री, वित्त मंत्री मुख्य सचिव, को जनदर्शन में तीन तीन बार मुख्यमंत्री जी से मिल चुके हैं सातवे वेतन मान के अनुसार पेंशन लेने के लिए।
मुख्य मंत्री जी से निवेदन / मांग करते हैं कि जनता की समस्याओं को सुनने और उन जन समस्याओ के निराकरण के लिए जनदर्शन फिर से प्रारम्भ करें तभी अगली बार जनता का समर्थन मिलेगा अन्यथा जनता से दूरी बनाएंगे तो सत्ता से दूर हो जायेगी भाजपा सरकार हम सभी छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन सीनियर सिटीजन पेंशनर्स सरकार के चौथे स्तम्भ के रूप में सरकार के साथ कदम से कदम मिला कर खड़े हैं।

ज्ञातब्य हो कि मुख्यमंत्र श्री विष्णु देव साय जी ने जन समस्याओ के निराकरण के लिए एक मुख्य मंत्री हेल्प लाइन पोर्टल 1076 चालू किया है जिसमें भी चार चार बार छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ ने सातवे वेतन मान के अनुसार नियमित रूप से पेंशन मिले इसके लिए अपनी शिकायत दर्ज कराई है lशासन के जिम्मेदार अधिकारीगण संज्ञान में लेकर सीनियर सिटीजनों को आज दस वर्ष 10 माह पूरे हो गये सातवे वेतन मान के अनुसार पेंशन भुगतान नहीं किया जा रहा है और कितना इंतजार करना पड़ेगा सीनियर सिटीजनों को।
विदित हो कि हमारे रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से पढ़ लिख कर कई नेता लोग मुख्यमंत्री , केबिनेट मंत्री, मंत्रीऔर उच्च पदस्थ पदों पर अधिकारीगण पदासीन हुए हैं, उन्हें हमारे ही विश्वविद्यालय के सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन देने की चिंता नहीं है।
छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला संयोजक विजय कुमार झा ने उक्ताश्य का समर्थन किया है एवम उन्होंने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान प्रभावशील है, किंतु विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों को सातवें वेतनमान से वंचित रखा गया है। किंतु विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को आज अक्तूबर माह के, 5-6 दिन हो गये पेंशन नहीं मिला अभी तक दीपावली जैसे हिंन्दुओ के महापर्व पर एक दीप जलाने के लिए पेंशन की बाँट जो रहे निरीह सीनियर सिटीजनों के घर दीप नहीं जलेंगे, बी पी शुगर, जैसे गंभीर बीमारी से ग्रस्त सीनियर सिटीजनों को दीपावली के समय पेंशन से वंचित रखना नैसर्गिक न्याय के विपरीत है।
30-40 वर्ष तक वि वि मे सेवा देकर कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो गए किंतु उन्हें आज भी छठवें वेतनमान के आधार पर पेंशन दिया जा रहा है।
हमारे यशस्वी प्रधान मंत्री मोदी जी वन नेशन वन इलेक्शन, एक देश, एक कानून, एक संविधान , एक देश एक राशन कार्ड, के इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हमारे प्रधान मंत्री मोदी जी काम कर रहे हैं इसी तारतम्य मे घासी दास वाबा ने कहा है कि मनखे मनखे एक समान सबके लहू एक समान तो प्रदेश के सभी पेंशनर्स को एक ही समय में एक साथ पेंशन शासन को देना चाहिए l शासन के जिम्मेदार अधिकारीगण विश्वविद्यालय कर्मचारी / सेवानिवृत कर्मचारियों को , केंद्रीय कर्मचारी एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों से पृथक समझते हैं।
प्रदीप मिश्र ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मांग की है कि सभी सेवा निवृत कर्मचारियों को नवंबर माह का पेंशन सातवे वेतन मान के अनुसार दिये जाने के लिए बजट राशि को कम से कम 2.5 करोड़ रुपए बढ़ाते / स्वीकृत करते हुए सातवे वेतनमान के अनुसार विश्वविद्यालय के पेंशनरों को नवम्बर माह का पेंशन भुगतान किया जाए।








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