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  • दिवाली पर करें ये उपाय, मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

    02-Nov-2023

    ज्योतिष न्यूज़ : सनातन धर्म में दिवाली को सबसे अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है। जो पूरे पांच दिनों तक चलता है। दिवाली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और समापन भाई दूज पर होता है। दिवाली को रोशनी और दीपकों का त्योहार माना जाता है इस दिन को लोग बड़ी ही भव्यता के साथ मनाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाया जाता है।

     
     
    इस दिन लक्ष्मी गणेश की विशेष पूजा का विधान होता है। मान्यता है कि दिवाली की रात माता लक्ष्मी धरती पर आती है और अपने भक्तों के घरों में वास करती है जिससे घर में सुख शांति समृद्ध और सकारात्मकता आती है। इस साल दिवाली का पावन पर्व 12 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा। दिवाली के दिन पूजा पाठ के साथ साथ अगर कुछ विशेष उपायों को भी किया जाए तो लक्ष्मी कृपा बरसती है जिससे व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाता है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा बता रहे हैं कि दिवाली की रात आप किन उपायों को आजमा सकते हैं।
     
    दिवाली की रात करें ये उपाय—
    दिवाली का दिन माता लक्ष्मी का दिन माना जाता है ऐसे में हर कोई देवी को प्रसन्न करने की कोशिश में लगा रहता है ऐसे में अगर आप भी माता लक्ष्मी की अपार कृपा चाहते हैं तो ऐसे में दिवाली की रात माता लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा करें साथ ही देवी मां के चरणों में कमल के पुष्प अर्पित करें
     
    ऐसा करने से माता शीघ्र प्रसन्न हो जाती है और भक्तों पर धन वर्षा करती है इसके अलावा धन लाभ की इच्छा रखने वाले लोग दिवाली की रात पूजन में माता को केसर युक्त खीर का भोग लगाएंं ऐसा करने से देवी मां की कृपा बरसती है जिससे धन संकट दूर हो जाता है और अड़चनों से भी मुक्ति मिलती है।

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  • सैलून, होटल और पार्क में हो रहा है वायरस से बचाव

    27-Jun-2020

                नई दिल्ली : देश-दुनिया में लॉकडाउन खत्म हो चुका है और ज्यादातर चीजें खुलने लगी हैं, लेकिन नए नियमों के साथ। खासकर उन जगहों पर ज्यादा सावधानी बरती जा रही है, जहां लोगों के एकत्रित होने की ज्यादा संभावना होती है, जैसे, सैलून, होटल और पार्क आदि। आइए जानते हैं कि इन जगहों पर वायरस से बचने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही हमारे और दूसरे मुल्कों में इन जगहों पर संक्रमण रोकने के लिए क्या-क्या विशेष नियम बनाए गए हैं। देश-विदेश के इन नियमों को जानकर और समझकर आप खुद को कोरोना वायरस से बेहतर तरीके से सुरक्षित रख पाएंगे। 

                ब्रिटेन में चार जुलाई से होटल, हॉस्टल, थीम पार्क, सैलून, पब आदि खुल रहे हैं। यहां पर सैलून को लेकर कई नियम बनाए गए हैं। जैसे सैलून को अपने क्लाइंट के नाम और कांटैक्ट डिटेल का डाटा जुटाना पड़ेगा और कम के कम 21 दिन तक उन्हें सुरक्षित रखना पड़ेगा। कस्टर के सैलून में आते ही हैंड सैनेटाइजर से उनका हाथ सैनेटाइज कराना होगा। दुकान में ग्राहकों के बीच फिजिकल डिस्टैंसिंग के नियम का पालन कराना होगा। हेयर ड्रेसर का चेहरा फेस कवर से ढंका होना चाहिए। वहीं कस्टमर को पूरी सेवा के दौरान डिस्पोजेबल गाउन पहनना होगा। वहीं ऐसे प्रोसिजनर जिसमें चेहरे आमने-सामने आते हैं, जैसे आईलेस बनवाना से बचने की सलाह दी गई है। वहीं हमारे देश के कई राज्यों में भी सैलून खुल गए हैं। इन सैलून के लिए कई गाइडलाइंस जारी की गई हैं, जैसे-
                -सैलून की दुकान पर आने वाले ग्राहकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
                -दुकानदारों को हाथों में ग्लब्स और मुंह पर मास्क लगाना होगा।
                -साथ ही ग्राहकों को भी मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
                -सिर्फ 2 सीट पर ही कटिंग की इजाजत है।
                -कटिंग में यूज एंड थ्रो टॉवल का इस्तेमाल करना होगा।
                -एक कटिंग के बाद सभी समानों को सैनिटाइज करना होगा |
    होटल
                ब्रिटेन में बने नियमों के मुताबिक, कस्टमर को कॉरिडोर और लिफ्ट में मास्क पहनना होगा। रूम सर्विस को कमरे के दरवाजे पर ही छोड़ना होगा। अगर बाथरूम कॉमन है तो कस्टमर के शॉवर टाइम को रिजर्व किया जाएगा। चेक-इन और चेक-आउट के वक्त फिजिक्ल डिस्टैंसिंग का पालन करना होगा।
                भारतीय नियमों के मुताबिक, होटल में एक रूम ऐसा होना चाहिए, जहां कोरोना मरीज को आइसोलेट किया जा सके, ताकि एकाएक कोई मरीज मिल जाए तो उसका बचाव किया जा सके। साथ ही तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने को कहा गया है।
    रेस्टोरेंट
                ब्रिटेन के नए नियमों के मुताबिक, सैलून की तरह रेस्टोरेंट को भी ग्राहकों का डाटा 21 दिन तक रखना होगा। रेस्टोरेंट को कोई लाइव परफार्मेंस ड्रामा, कॉमेडी, डांस और म्यूजिक नहीं होगा। म्यूजिक नहीं चलेगा, ताकि किसी को बातचीत के लिए जोर-जोर से चिल्लाना न पड़े (नए शोध के मुताबिक, बातचीत के दौरान भी प्रति मिनट 1000 ड्रॉपलेट निकलती हैं)। अगर संभव हो तो रेस्टोरेंट में ज्यादा टेबल बाहर रखी जाएं। यह तय होना चाहिए कि रेस्टोंरेंट में अधिकतम कितने लोग एक साथ आ सकते हैं, ताकि फिजिकल डिस्टैंसिंग के नियमों का आसानी से पालन हो सके। रेस्टोरेंट में हैंड सैनेटाइजर और फिजिकल डिस्टैंसिंग के लिए मार्किंग होनी चाहिए। भुगतान कांटैक्ट लेस होना चाहिए। हमारे देश में भी बार और रेस्टोरेंट के लिए कई गाइडलाइंस जारी की गई है, जैसे ग्लास को गर्म पानी से धोने को कहा गया है। वहीं, एस्केलेटर्स पर एक सीढ़ी छोड़कर ही लोगों को चलने की सलाह दी गई है।
                वहीं एलिवेटर के बटन, रेलिंग, वाशरूम, सर्विस एरिया और दरवाजे के हैंडल को सैनेटाइज करने को कहा गया है। साथ ही एसी का तापमान 24 से 3 डिग्री के बीच रखने पर ह्यूमिडिटी लेवल सामान्य रहेगा। वहीं बारिश होने पर रेस्टोरेंट के भीतर न जाने की सलाह दी गई है। कुर्सी, टेबल और काउंटर सैनेटाइज होने चाहिए।
    पार्क और थीम पार्क
                कस्टमर को हैंड सैनेटाइजर मिलना चाहिए। कोशिश की जानी चाहिए कि कोई जोर-जोर से न बोले। एक गार्ड सिर्फ फिजिकल डिस्टैंसिंग का पालन कराने के लिए होना चाहिए। पार्क में वन-वे सिस्टम होना चाहिए। सभी कस्टमर्स का रिकार्ड 21 दिन तक रखना चाहिए। 

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