बड़ी खबर

Bilaspur

  • यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 30 मार्च से 11 अप्रैल तक घर से निकलने से पहले देख लें ये खबर, रद्द हो गई हैं कई ट्रेनें...

    06-Mar-2026

     

    बिलासपुर। रेल यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर सामने आ रही है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चल रहे चौथी लाइन निर्माण कार्य के चलते कई ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहने वाला है। हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल लाइन पर स्थित बिलासपुर– झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–चांपा सेक्शन के बीच अकलतरा स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग और चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के कारण 30 मार्च से 11 अप्रैल 2026 तक कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है।
    रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनें –
    31 मार्च से 11 अप्रैल तक बिलासपुर–रायगढ़ मेमू, रायगढ़–बिलासपुर मेमू, गेवरा रोड–रायपुर मेमू, बिलासपुर–गेवरा रोड मेमू और बिलासपुर–कोरबा मेमू समेत कई ट्रेनें रद्द रहेंगी।इसके अलावा 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रायपुर–कोरबा पैसेंजर और रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर भी रद्द रहेगी।
    आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें 
    31 मार्च से 11 अप्रैल तक गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में ही समाप्त होगी। वहीं झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर से ही प्रारंभ होगी और झारसुगुड़ा से बिलासपुर के बीच सेवा रद्द रहेगी।
    यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कोरबा–रायपुर–कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 31 मार्च से 11 अप्रैल तक कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा।रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES या 139 पर गाड़ी की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
  • बैगा-बिरहोर आदिवासियों के गांव पहुंचे राज्यपाल, योजनाओं का जाना हाल...

    05-Mar-2026
     
    बिलासपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर जनजाति के लोगों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने उनकी जीवनशैली, पारंपरिक संस्कृति तथा शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
     
    राज्यपाल डेका ने करका की लखपति दीदी प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह की रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी की मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई की ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।
     
    राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति को सहेजकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें। उन्होंने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
     
    राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया। इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
  • कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक...

    28-Feb-2026

     

    बिलासपुर। जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में होलिका दहन, 4 मार्च को होली एवं आगामी ईद-उल-फितर पर्व को आपसी तालमेल एवं भाईचारे की भावना के साथ सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया।  
     
    कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में सभी धर्मों एवं सम्प्रदाय का सम्मान करते हुए भाईचारे के साथ सभी धर्मों के पर्वों और उत्सवों को मनाने की वैभवशाली परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा आगे भी जारी रखनी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यह सामाजिक सौहार्द का पर्व है। सुरक्षा के सारे मापदण्डों का पालन किया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी, हुड़दंगियों पर, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर मुखौटे बेचना प्रतिबंधित होगा।  
     
    बैठक में पर्व के दौरान आपात सहायता एवं किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए पुलिस सहित नगर पालिक निगम, नगर सेना एवं सिम्स एवं जिला अस्पताल, विद्युत मण्डल आदि विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों ने पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर अपनी-अपनी सहमति जताई।
     
    नगर पालिक निगम द्वारा होलिका दहन स्थलों को चिन्हांकित कर साफ-सफाई कराई जाएगी। नियमित रूप से दो तीन बार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों, धार्मिक स्थलों, सिम्स, जिला अस्पताल सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए है। बीच सड़क पर डिस्क एवं बिजली तार के नीचे होलिका दहन नहीं किया जाएगा। पेट्रोलिंग पार्टी की संख्या बढ़ाकर मुख्य मार्गों के साथ-साथ अंदर की गलियों में गश्त की जाएगी। नगर सेना द्वारा फायर बिग्रेड वाहन मुस्तैद रखा जाएगा। सिम्स एवं जिला अस्पताल इस दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान विद्युत की निरंतर आपूर्ति बनाये रखने एवं आपात स्थिति में सुधार के लिए कर्मचारियों की टीम तैनात रखे जाने के निर्देश दिए गए है।
     
    बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहरी पंकज पटेल, एसडीएम मनीष साहू, शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, सुधीर खण्डेलवाल, चंचल सलूजा, प्रेस क्ल्ब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे।
  • बीच सड़क बर्थडे सेलिब्रेशन पड़ा भारी, चार युवक-युवतियां हिरासत में...

    26-Feb-2026

     

    बिलासपुर। शहर में बीच सड़क बर्थडे सेलिब्रेशन करना चार युवक-युवतियों को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो पर संज्ञान लेते हुए सरकंडा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को हिरासत में लिया और उनके वाहन जब्त कर लिए। घटना के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार के जश्न को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
     
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक नगर निवासी एक ड्राइवर ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि 21 फरवरी की रात करीब 10:30 बजे जब वह काम से कोनी रोड की ओर जा रहा था, तब राधाकृष्ण मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर असामान्य भीड़ जमा थी।
     
    मौके पर एक बुलेट (CG 04 SU 0562) और एक स्कूटी (CG 10 AC 6822) बीच सड़क पर खड़ी थी, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक की सीट पर केक रखकर बर्थडे सेलिब्रेशन किया जा रहा था। वहां मौजूद दो युवक और दो युवतियां सड़क के बीचोंबीच केक काटते और आतिशबाजी करते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि एक युवती ने बर्थडे क्राउन पहन रखा था और उसकी स्कूटी पर गिफ्ट भी रखे थे।
     
    सेलिब्रेशन के दौरान पटाखे जलाए गए, जिससे आसपास से गुजर रहे लोगों और वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जश्न मना रहे युवकों ने राहगीरों से विवाद भी किया और सड़क पर खड़े होकर लापरवाहीपूर्ण व्यवहार किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी राहगीर ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
     
    वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकंडा थाना पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें थाने बुलाया। पूछताछ के बाद पुलिस ने सड़क यातायात बाधित करने, लापरवाहीपूर्वक वाहन खड़ा करने तथा सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। साथ ही, मौके पर प्रयुक्त दोनों वाहन भी विधिवत जब्त कर लिए गए।
     
    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार के आयोजनों से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। सरकंडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जश्न मनाते समय नियमों का पालन करें।
     
    पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था या यातायात में बाधा उत्पन्न करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को शहर में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
  • ACB की कार्रवाई: फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया...

    22-Feb-2026
     
    बिलासपुर। बिलासपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। स्व सहायता समूह को शासकीय उचित मूल्य की दुकान आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 90 हजार रुपये लेते समय अधिकारी गिरफ्तार किया गया।
     
    मिली जानकारी के अनुसार एक स्व सहायता समूह से शासकीय उचित मूल्य की दुकान दिलाने के एवज में फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद समूह ने इसकी शिकायत एसीबी से की।
     
    शिकायत की सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही फूड इंस्पेक्टर ने 90 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।
  • रतनपुर में 8 कछुओं की संदिग्ध मौत, शिकार की आशंका...

    19-Feb-2026

     

    बिलासपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर के कुंड और बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर के तालाब में कछुओं की रहस्यमयी मौत से सनसनी फैल गई है। बुधवार सुबह बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित तालाब में एक साथ 8 कछुओं के शव पानी में तैरते मिले। इससे पहले महामाया मंदिर कुंड में भी 2 कछुओं की मौत हो चुकी है। बीते छह दिनों में कुल 10 कछुओं की मौत ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
     
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरुनी चोट के संकेत...
    दो कछुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जिसमें अंदरुनी चोट के निशान पाए गए हैं। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कछुओं को लाठी या किसी भारी वस्तु से पीट-पीटकर मारा गया है। मृत कछुओं की उम्र लगभग चार से पांच महीने बताई जा रही है।
     
    वन विभाग ने शुरू की जांच...
    ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर जांच शुरू की। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विभाग की टीम मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
     
    संरक्षित वन्यजीव है कछुआ...
    वन अधिकारियों के अनुसार कछुए अनुसूची-एक के संरक्षित वन्यजीव हैं, जिनकी हत्या गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। यदि शिकार या सुनियोजित हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
     
    लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • आदर्श महाविद्यालय बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर...

    18-Feb-2026

     

    बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस पर स्वच्छता परियोजना अंतर्गत जागरूकता अभियान एवं श्रमदान कार्यक्रम का प्रभावी आयोजन किया गया।
    स्वयंसेवकों ने ग्राम में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु रैली निकालकर स्वच्छता का संदेश दिया तथा सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई कर श्रमदान किया। विशेष बात यह रही कि स्वच्छता कार्य के दौरान ग्रामवासी स्वयं उपस्थित होकर साफ-सफाई अभियान में सहभागी बने और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय रही। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शिविर का उद्देश्य — स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता एवं जनसहभागिता — सफलतापूर्वक जन-जन तक पहुंच रहा है।
    पंचम दिवस के बौद्धिक सत्र में अतिथि मुख्य वक्ता के रूप में श्री मनोज कुमार यादव जी ( व्याख्याता , पीएम श्री चकरभाठा ) एवं सुशील चौरसिया ( प्रभारी प्राचार्य शा. मा . विद्यालय ) उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को साइबर सिक्योरिटी के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए डिजिटल ठगी से बचाव, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, पासवर्ड सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए एवं अतिथि गण ने स्वयं सेवकों के अनुशासन की प्रशंसा की ।
     
    इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी श्री एल. के. गवेल ने कहा,
    “राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। आज ग्रामीणों की सहभागिता यह दर्शाती है कि हमारे स्वयंसेवक अपने उद्देश्य में सफल हो रहे हैं।”
    कार्यक्रम अधिकारी श्री एल. के. गवेल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में स्वयंसेवकों ने समाज सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
  • शिक्षा विभाग में सेटअप 2008 संशोधन की मांग: लेक्चरर की याचिका पर हाईकोर्ट ने डीपीआई को दिए निर्देश...

    14-Feb-2026

     

    बिलासपुर। विज्ञान विषय के लेक्चरर एलबी लालबहादुर साहू ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भौतिकी और रसायन व शास्त्र के व्याख्याता को कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अन्य विषयों सहित पढ़ाने के लिए हाई स्कूल में पदस्थापना करने व इसके लिए सेटअप, 2008 में संशोधन के लिए राज्य सरकार को जरुरी दिशा निर्देश देने की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू ने याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का निर्देश डीपीआई को दिया है।
     
    याचिकाकर्ता लाल बहादुर साहू गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, अनवारी, ब्लॉक कुरुद, जिला धमतारी, छत्तीसगढ़ में भौतिक विज्ञान विषय के लेक्चरर (एल.बी.) के रूप में कार्यरत है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 2008 के सेटअप में संशोधन करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि सेटअप में संशोधन करने और विज्ञान विषय के लेक्चरर को अन्य विषय पढ़ाने की अनुमति को लेकर मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा सचिव, डीपीआई को पत्र लिखा है। याचिकाकर्ता ने विभाग में दिए गए दस्तावेजों को अपने पास मंगाने की भी मांग की है। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की है, वे राज्य शासन को सेटअप, 2008 संशोधन की अनुमति दें, ताकि भौतिकी और रसायन विज्ञान के व्याख्याता को कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को अन्य विषयों सहित पढ़ाने के लिए हाई स्कूल में पदस्थ किया जा सके।
     
    मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता ने इस रिट याचिका में उठाई गई अपनी शिकायत के निवारण के लिए डीपीआई के समक्ष पहले ही अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है, जो विचाराधीन है, अतः डीपीआई को निर्देश जारी किया जाए कि वह याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर निर्धारित समय सीमा के भीतर शीघ्र निर्णय ले। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता के वकील द्वारा की गई सीमित प्रार्थना को देखते हुए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने डीपीआई को, याचिकाकर्ता के लंबित अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने निराकरण करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है।
     
    याचिकाकर्ता लालबहादुर साहू ने डीपीआई को पत्र में लिखा है, हाई स्कूल विषय (9वीं, 10 वीं) में भौतिक और रसायन PG योग्यताधारी, व्याख्याता की नियुक्ति, पदोन्नति करने सेटअप में आंशिक सुधार कर राजपत्र में प्रकाशन के बाद बायो व गणित वाले का स्थानांतरण व्याख्याता में नई नियुक्ति व पदोन्नति करने की मांग की है।
     
    भौतिक और रसायन PG का भी हाई स्कूल विषय विज्ञान (9 वीं और 10 वीं) में बायों (अन्य विषय) की तरह लेक्चरर एल बी/व्याख्याता का पद सृजित कर नियुक्ति व पदोन्नति की मांग की है। जिला कार्यालय शासन स्तर का होने के कारण कई जिलों में हाई स्कूल विषय:- विज्ञान (9 वीं और 10 वीं) में भौतिक और रसायन शास्त्र विषय में नियुक्ति व पदोन्नति नहीं की जा रही है। council for indian school certificate examination पाठ्यक्रम के अनुसार विज्ञान भौतिक, रसायन और बायो का समग्र विषय है। तीनों का समानुपातिक महत्व है (तीनों को प्रशिक्षण भी देते है), विज्ञान में श्रौतिक, रसायन और बायो तीनों को नियुक्ति व पदोन्नति की मांग की है। याचिकाकर्ता लेक्चरर ने डीपीआई को लिखे पत्र में इस बात का भी हवाला दिया है, हाई स्कूल विषय:- सामाजिक विज्ञान (9 वीं और 10 वी) में पाठ्यक्रम के अनुसार अर्थशास्त्र, राजनीति, भूगोल व इतिहास विषय के लेक्चरर की नियुक्ति व पदोन्नति का प्रावधान है।
     
    याचिकाकर्ता ने लिखा है, गणित विषय के शिक्षक का पद रिक्त रहने या गणित शिक्षक की अनुपस्थिति पर बायो समूह के शिक्षकों में गणित अध्यापन करने की क्षमता ही नहीं होती हैं, जिससे छात्रों का अहित होता है। जबकि भौतिक व रसायन शास्त्र वाले लेक्चरर में गणित और विज्ञान दोनों में अध्यापन करने की क्षमता होती है। अचरज की बात है, भौतिक व रसायन शास्त्र वाले शिक्षकों का हाई स्कूल विषय-विज्ञान,गणित में नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण का प्रावधान ही नहीं है।
     
    इनको मिल रहा दोहरा लाभ...
    भौतिक, रसायन और काॅमर्स लेक्चरर के अलावा सभी लेक्चरर के लिए हायर सेकेंडरीऔर हाई स्कूल विषय दोनों में पद सृजित है, जिसके कारण उन्हें हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल विषय दोनों में नियुक्ति व पदोन्नति का दोहरा लाभ मिल रहा है।
     
    भौतिक रसायन व्याख्याता को कॉमर्स की तरह (कॉमर्स के शिक्षक सिर्फ 11वीं, 12वीं कक्षाओं का अध्यापन करते हैं) सिर्फ हायर सेकेंडरी विषय में नियुक्ति देते हैं। हाई स्कूल विषय विज्ञान/गणित (9वीं 10 वीं) में नहीं, जबकि कई संस्थाओं में प्राचार्य/जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा इन विषयों का अध्यापन कार्य करवाया जाता है।
  • वनपाल के तबादले पर हाईकोर्ट सख्त, CCF के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक, याचिकाकर्ता के आरोपों पर सुनवाई...

    14-Feb-2026

     

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर वन मंडल के बेलतरा में रेंज सहायक के पद पर कार्यरत वेदप्रकाश शर्मा ने मुख्य वन संरक्षक CCF द्वारा जारी तबादला आदेश के खिलाफ अधिवक्ता जितेंद्र पाली के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू ने तबादला आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता रेंज सहायक ने मुख्य वन संरक्षक पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश जारी करने का आरोप लगाया था।
     
    बिलासपुर वन मंडल के बेलतरा में रेंज सहायक के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी का तबादला 04 फरवरी .2026 के आदेश के तहत मुंगेली वन मंडल में कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह आदेश मुख्य वन संरक्षक द्वारा पारित किया गया है, जिन्हें किसी कर्मचारी का एक मंडल से दूसरे मंडल में तबादला करने का कोई अधिकार नहीं है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इस संबंध में समय-समय पर पत्र लिखे हैं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने पीसीसीएफ द्वारा जारी पत्र को कोर्ट के सामने पेश किया। अधिवक्ता जितेंद्र पाली ने कहा, मुख्य वन संरक्षक ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाते हुए तबादला आदेश जारी किया है। उनको आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।
     
    लिहाजा जारी तबादला के आदेश पर रोक लगाई जाए। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए शैलजा शुक्ला ने जवाब पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। राज्य शासन के अधिवक्ता की मांग को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने जवाब पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने यााचिकाकर्ता को राहत देते हुए अगली सुनवाई तक तबादला आदेश पर अंतरिम रोक लगा दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है, मुख्य वन संरक्षक द्वारा 04 फरवरी 2026 के आदेश के प्रभाव और संचालन अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगा। याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 23 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
  • नक्सल ऑपरेशन में शामिल तीन जवानों की प्रमोशन याचिका पर हाई कोर्ट ने DGP को दिया ये निर्देश...

    11-Feb-2026

     

    बिलासपुर। हाई कोर्ट ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुए बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन में साहसिक भूमिका निभाने वाले पुलिस जवानों के आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पीपी साहू ने याचिकाकर्ता जवानों के लंबित मामले पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने डीजीपी को निर्देश जारी किया है। इसके लिए डीजीपी को दो महीने का समय कोर्ट ने दिया है।
     
    याचिकाकर्ता दीपक नायक, अग्नु राम कोर्राम और संगीत भास्कर ने याचिका दायर कर आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन की मांग की है। याचिका के अनुसार तीनों पुलिस जवान कांकेर जिले में पदस्थ हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे 15 एवं 16 अप्रैल 2024 को BSF के साथ संयुक्त रूप से चलाए गए एंटी नक्सल ऑपरेशन का वे भी हिस्सा थे। यह ऑपरेशन कांकेर जिले के कालपर-हापाटोला-छेटेबेठिया क्षेत्र में हुआ था, जहां 40-50 सशस्त्र माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में 29 सशस्त्र नक्सली मारे गए थे, जिनमें 15 पुरुष एवं 14 महिला नक्सली शामिल थीं। बड़ी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद भी जब्त किया गया।
     
    केवल 54 पुलिस कर्मियों को मिला आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन
     
    याचिकाकर्ता जवानों ने कोर्ट को बताया कि सफल नक्सल ऑपरेशन में कुल 187 पुलिसकर्मी शामिल थे। राज्य सरकार ने मात्र 54 पुलिसकर्मियों को ही पुलिस विनियम 70 (क) के तहत आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ दिया है, शेष जवानों के साथ भेदभाव किया गया है।
     
    याचिकाकर्ता जवानों का कहना है, वे लोगों ने भी समान परिस्थितियों में ऑपरेशन का हिस्सा बने थे। राज्य सरकार ने उनके साथ भेदभाव किया है। याचिका के अनुसार 25 जून 2025 को पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जो अब तक लंबित है।
     
    हाई कोर्ट ने डीजीपी को दिया निर्देश, दो महीने में करना होगा अभ्यावेदन का निराकरण
     
    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं का अभ्यावेदन अभी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। लिहाजा कोर्ट ने अभ्यावेदन के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया है।
     
    कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, पुलिस महानिदेशक याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर पुलिस विनियम 70 (क) के अनुसार कानून सम्मत एवं निष्पक्ष निर्णय लें। कोर्ट ने इसके लिए डीजीपी को दो महीने का समय दिया है।
  • सांसद भोजराज नाग को झटका, हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका खारिज करने की मांग ठुकराई

    12-Sep-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं। ऐसे में मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है।

    क्या है पूरा मामला?
    कांकेर संसदीय सीट से सांसद चुने गए भोजराज नाग के खिलाफ बीरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की।
     
    याचिका में आरोप लगाया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गड़बड़ी और छेड़छाड़ हुई। वोटिंग डेटा के प्रसारण में जानबूझकर देरी की गई। कई मतदान केंद्रों पर वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। बीरेश ठाकुर ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा समेत कई विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है।
     
    सांसद की दलील
    भोजराज नाग ने कोर्ट में दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है। यह रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है। चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसके अलावा, याचिका वकील के जरिए दाख़िल की गई है जबकि क़ानून के अनुसार उम्मीदवार को खुद याचिका दाख़िल करनी चाहिए।
     
    हाईकोर्ट का निर्णय
    कोर्ट ने सांसद की सभी दलीलों को खारिज कर दिया और कहा याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का उल्लेख किया है। चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है। बीरेश ठाकुर ने याचिका विधिवत दाख़िल की है और सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं।
     
    अगली सुनवाई
    न्यायालय ने साफ कर दिया कि भोजराज नाग की आपत्ति में दम नहीं है, इसलिए चुनाव याचिका को खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2025 को निर्धारित की है।
  • 6 होमगार्ड जवान सस्पेंड, दफ्तर में पार्टी करते वीडियो हुआ था वायरल

    10-Sep-2025

    बैकुंठपुर। पिछले दिनों 3 सितम्बर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में देखा जा सकता था कि, जिले के नगर सेना के कार्यालय में कुछ लोग जमकर शराबखोरी कर रहे थे। ये सभी जिले के होमगार्ड के ही जवान थे जो एक सरकारी दफ्तर में पार्टी मना रहे थे।

    वीडियो के सामने आने के बाद जाँच के आदेश और दोषी सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। वही अब सरकारी दफ्तर में शराबखोरी करने वाले 6 नगर सेना के जवानों को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
     
    यह आदेश जिला सेनानी संजय गुप्ता की तरफ से जारी किया गया है। विभाग की तरफ से कहा गया है कि, इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • हाईकोर्ट में चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सुनवाई, अगली तारीख 8 सितंबर तय

    02-Sep-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा, वहीं बचाव पक्ष ने जमानत की मांग पर दलीलें दीं। हालांकि, विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 8 सितंबर तय की है।  ईडी ने रखा अपना पक्ष ईडी ने अदालत को अवगत कराया कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ठोस सबूतों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर की गई है। एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयानों से साफ है कि बघेल ने अवैध कमाई को अपने व्यवसाय में लगाया। ईडी के वकीलों ने कहा कि इस स्तर पर जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।

    गौरतलब है कि 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को ईडी ने उनके जन्मदिन के दिन रायपुर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि शराब घोटाले से उन्होंने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई की और उसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया।   2161 करोड़ रुपए का घोटाला ईडी की जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ। यह वह समय था जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को बड़े नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था।

    ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। इस कड़ी में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा पहले से ही जेल में बंद हैं। एजेंसी का कहना है कि धीरे-धीरे पूरे रैकेट का सच सामने लाया जाएगा और जिन-जिन लोगों की संलिप्तता है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।   बचाव पक्ष की दलील चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईडी के आरोप निराधार हैं और अभी तक किसी भी जांच में प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आए हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चैतन्य का सीधे-सीधे इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक उद्यमी के रूप में काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट की कार्यवाही सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। जस्टिस अरविंद वर्मा ने कहा कि   मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। इसलिए अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर 2025 तय की गई है। इस केस ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा की केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रही है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में शराब घोटाले से जुड़े नेताओं और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

  • कर्तव्य में लापरवाही पर शिक्षक निलंबित

    29-Aug-2025

    रायपुर। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने गंभीर अनियमितताओं के कारण शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोफंदी में पदस्थ डीलेश्वर प्रसाद कंगण, संकुल समन्वयक एवं शिक्षक एल.बी. को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है

    जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि श्री कंगण द्वारा सत्र 2025-26 में किसी भी कक्षा का अध्यापन कार्य नहीं किया जा रहा था और डेली डायरी का नियमित संधारण भी नहीं किया गया। विद्यार्थियों से पूछताछ में भी यह पुष्टि हुई कि वे कक्षाओं में पढ़ाई नहीं कराते थे। इसके अतिरिक्त, संकुल समन्वयक के दायित्वों की उपेक्षा करते हुए उन्होंने निर्धारित विद्यालयों का नियमित अवलोकन नहीं किया तथा 25 अगस्त 2025 को शासकीय प्राथमिक शाला रामनगर कछार समय से पूर्व बंद पाए जाने की सूचना भी उच्च अधिकारियों को नहीं दी।
     
    इन गंभीर लापरवाहियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है। परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत श्री कंगण को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
  • 9 बड़े जुआरी पकड़े गए, सरकारी ठेकेदार और कारोबारी शामिल

    19-Aug-2025

    बिलासपुर। पुलिस ने रसूखदार जुआरियों के जुए के बड़े फड़ में छापेमारी की, और महापौर के जेठ, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी समेत 9 रसूखदार जुआरियों को कैश और क्वाइन के साथ गिरफ्तार किया. ये जुआरी लाखों रुपए का दांव लगा रहे थे. मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है. दरअसल, एसएसपी रजनेश सिंह को सूचना मिली, कि सरकंडा थाना क्षेत्र के कोनी रोड स्थित महावीर अग्रवाल के बाड़ा में कारोबारी जुआ खेल रहे हैं. जहां कैश और क्वाइन पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है. एसएसपी के निर्देश पर टीआई नीलेश पांडेय समेत पुलिस टीम ने रेड कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान जुआरियों को भागने का मौका न मिले, इसलिए पुलिस ने पहले चारों तरफ घेराबंदी की. जिसके बाद बाड़ा में दबिश दी. टीम अंदर पहुंची तब कैश और क्वाइन लेकर बैठे जुआरी बड़े दांव लगा रहे थे. पुलिस ने उनके पास से 41 हजार 500 रुपए, एक पेटी क्वाइन, ताश पत्ती और 11 मोबाइल बरामद किया. कार्रवाई के बाद रसूखदार जुआरियों ने अपने-अपने करीबी नेता और अफसरों को फोन लगाना शुरू किया. इस दौरान आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश भी की गई. लेकिन, एसएसपी रजनेश सिंह ने किसी की नहीं सुनी.

  • रतनपुर में 10 जुआरी गिरफ्तार, बांध से सटे जंगल में पुलिस टीम की रेड

    11-Aug-2025

    बिलासपुर। जंगल में सजी जुआ की महफिल में पुलिस ने छापेमारी कर 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने नगदी रकम, मोबाइल फोन, ताश के पत्ते, मोटर साइकिलें और अन्य सामान भी जब्त की है। यह कार्रवाई रतनपुर पुलिस ने ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास के जंगल की है। मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम चपोरा चांपी बॉध के पास जंगल में बड़ी संख्या में लोग अवैध जुआ खेल रहे हैं। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की। इस दौरान मौके पर जुआ खेलते हुए 10 जुआरी पकड़ाए। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 83,000 रुपये नगदी, 1-1 मोबाइल फोन, 52 पत्तों की ताश की गड्डी, 5 मोटर साइकिलें, एक कम्बल और एक बोरी पानी के पाउच भी जब्त किए हैं। पकड़े गए जुआरियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फ़िलहाल, पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होगा नए न्यायाधीश का शपथ ग्रहण, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल संभालेंगे पद

    10-Aug-2025

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में 11 अगस्त को एक अहम अवसर आने वाला है, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल नए न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10:30 बजे उच्च न्यायालय परिसर स्थित मुख्य न्यायाधीश के न्यायालय कक्ष में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में न्यायपालिका, बार एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर ने बताया कि इस अवसर पर बार काउंसिल, अधिवक्ता संघ और न्यायिक अधिकारियों सहित तमाम सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल न्यायपालिका के लिए बल्कि विधि जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए एक विशेष क्षण होगा, क्योंकि नए न्यायाधीश के जुड़ने से न्यायालय की कार्यक्षमता और भी मजबूत होगी।  

    सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल का विधिक अनुभव और उनकी ईमानदार छवि न्यायपालिका में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को लेकर आएगी। वे अब तक कई महत्वपूर्ण मामलों में अपने सटीक निर्णयों और गहन कानूनी समझ के लिए जाने जाते हैं। उनका न्यायिक करियर विभिन्न अदालतों में सेवा देते हुए उत्कृष्ट उपलब्धियों से भरा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशगण भी मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान विधि पेशे से जुड़े वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं को न्यायमूर्ति अग्रवाल से औपचारिक मुलाकात का अवसर मिलेगा। न्यायमूर्ति के रूप में उनकी नियुक्ति को लेकर विधि जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।  
    बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय में फिलहाल लंबित मामलों की संख्या अधिक है, और ऐसे में नए न्यायाधीश के शामिल होने से न केवल मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी बल्कि न्याय वितरण की प्रक्रिया भी और सुचारु होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायमूर्ति अग्रवाल की नियुक्ति न्यायपालिका की मजबूती और पारदर्शिता को और बढ़ावा देगी। शपथ ग्रहण से पहले न्यायालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिकताओं को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कार्यक्रम गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके। इस अवसर पर विधि समुदाय के साथ-साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता है, क्योंकि न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को न्यायिक सुधारों की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। उनकी कार्यशैली और दृष्टिकोण से उम्मीद है कि न्यायालय में पारदर्शी और त्वरित न्याय की परंपरा और सशक्त होगी। कुल मिलाकर, 11 अगस्त का दिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा, जब न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल अपने पद की शपथ लेकर न्यायिक यात्रा का नया अध्याय शुरू करेंगे।

  • मुआवजे की मांग ले कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मलुहा के किसान

    08-Aug-2025

    बिलाईगढ़। अपर सोनिया जलाशय के डुबान क्षेत्र में भूमि जाने के बाद पिछले 24 वर्षों से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे मलुहा के 6 किसान एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। यह धरना बिलाईगढ़ नगर पंचायत के इंदिरा मार्केट में भीम रेजिमेंट के नेतृत्व में शुरू हुआ

    किसानों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार तक सैकड़ों आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन और “तारीख पर तारीख” ही मिली। मुआवजा न मिलने पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हक के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर न्याय नहीं दे रही है।
     
    किसान मनीष चेलक ने साफ कहा, “जब तक हमें मुआवजा नहीं मिलेगा, हम धरने से नहीं उठेंगे।” प्रदर्शन के पहले दिन स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा और एक बार फिर आश्वासन दिया, लेकिन किसान अब आश्वासन से आगे ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
     
    बहरहाल, अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 24 साल से लंबित यह मुआवजा मामला इस बार किसानों को उनका हक दिला पाएगा या फिर यह धरना भी केवल वादों तक सिमटकर रह जाएगा।
  • सिम्स में मरीजों को खराब खाना परोसने का आरोप, हाईकोर्ट ने किया संज्ञान

    02-Aug-2025
    बिलासपुर। बिलासपुर के मेडिकल कालेज सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टर व भविष्य के डॉक्टर का खाना प्रतिबंधित पालीथीन पैकेट में अस्वच्छ जगह में रखे जाने की खबर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने मामले में डीन से जवाब तलब किया है. दरअसल, मीडिया में आई खबरों में बताया गया, कि सिम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्रों, जो सिम्स में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए लाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को पॉलीथीन बैग में बाहर रखा जाता है और वह भी अस्वच्छ स्थिति में. हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की. खबरों के मुताबिक प्रत्येक खाद्य पैकेट में एक चिट होती है जिस पर संबंधित रेजिडेंट डॉक्टर/छात्र का नाम लिखा होता है. उक्त खाद्य पैकेट बाहर इसलिए रखे जाते हैं क्योंकि डिलीवरी बॉय को हॉस्टल परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. हालांकि CIMS में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मेस में खाने की व्यवस्था है, लेकिन ज़्यादातर छात्र बाहर से खाना मंगवाना पसंद करते हैं, जो लोग बाहर से खाना पहुंचाते हैं. उन्हें हॉस्टल परिसर में आने की अनुमति नहीं है, इसलिए खाने के पैकेट हॉस्टल के बाहर बने वाहन पार्किंग शेड में छोड़कर चले जाते है. सिम्स के मेस में रोज़ाना खाना बनता है, लेकिन खाने की गुणवत्ता घटिया पाए जाने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स बाहर से खाना मंगाकर खाते हैं. सिम्स के मुख्य वार्डन के मुताबिक मेस का संचालन सिम्स प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है, बल्कि एक समिति गठित की गई है. रेजिडेंट डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र CIMS के मेस/हॉस्टल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को ले सकते हैं. मामले को लेकर सिम्स बिलासपुर के डीन अगली सुनवाई से पहले अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने कहा गया है. जिसमें यह बताया जाएगा कि इस संबंध में क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की गई हैं. 
  • बिलासपुर में दो बहनें लापता

    02-Aug-2025
    बिलासपुर। जिले में दो बहनें अचानक लापता हो गई हैं. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. दोनों की उम्र 9 और 11 साल बताई जा रही है. काफी देर तक खोजबीन के बाद कुछ पता नहीं लगने पर परिजनों ने पुलिस थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दी. पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां रहने वाली दो बच्चियां अचानक लापता हो गई. 9 साल की बालिका चौथी कक्षा के बाद से स्कूल छोड़ चुकी है. गुरुवार को भाई को छोड़ने के लिए स्कूल गई हुई थी. इस दौरान उनके साथ लड़के के 11 साल की बड़ी बहन भी थी. शाम तक दोनों घर वापस नहीं लौटी. खेत से लौटकर परिजनों ने दोनों बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की तो उनका कुछ पता नहीं चला और देर शाम हो गई. परिजनों ने बिल्हा थाने पहुचंकर शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस जांच में जुट गई. जीआरपी से भी सहयोग माँगा गया है. लगातार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. 
  • NIA कोर्ट ने ननों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

    01-Aug-2025
    बिलासपुर। मानव तस्करी के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी मामले में बिलासपुर NIA कोर्ट में आज सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. पीड़ित पक्ष की बेल एप्लिकेशन पर निर्णय कल आएगा। बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को विपक्षी दल के नेताओं का एक डेलिगेशन दुर्ग पहुंचा था। इन नेताओं ने जेल में बंद दोनों ननों से मुलाकात की थी। इस दौरान गिरफ्तारी को गलत बताया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने मानव तस्करी और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में केरलवासी दो नन की गिरफ्तारी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की आलोचना की और इसे असंवैधानिक तथा अवैध बताया।छत्तीसगढ़ी फिल्में इस मुद्दे को लेकर रायपुर से लेकर दिल्ली तक सियासत में गहमा गहमी है। वहीं, दूसरी तरफ दुर्ग जिले की एक सत्र अदालत ने इस मामले में बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि उसे राज्य में मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार दो कैथोलिक नन की जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। 
  • किराए के कमरे में युवक-युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले

    31-Jul-2025
    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगालीपारा इलाके में मंगलवार की देर शाम एक शर्मनाक व आपत्तिजनक मामला सामने आया। पीएससी की तैयारी कर रहे एक युवक के किराए के कमरे में युवक और युवती को आपत्तिजनक हालत में पाया गया। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने जब कमरे में दबिश दी, तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था। मामले की पुष्टि करते हुए सरकंडा पुलिस ने बताया कि युवक सरगुजा जिले के लखनपुर का रहने वाला अर्श अली है, जो बंगालीपारा क्षेत्र में एक किराए के मकान में रहकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की तैयारी कर रहा है। वह एक स्थानीय कोचिंग संस्थान से भी जुड़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ी फिल्में स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति इलाके के लोगों का कहना है कि अर्श अली द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार अलग-अलग युवतियों को अपने कमरे में लाया जा रहा था, जिससे पूरे मोहल्ले में अस्वस्थ वातावरण बनता जा रहा था। लोगों को संदेह था कि युवक का आचरण अनुशासनहीन है और वह शराब तथा अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों में संलिप्त है। मोहल्लेवालों ने इस बारे में हिंदू संगठन के स्थानीय कार्यकर्ताओं को सूचित किया। संगठन के कुछ प्रतिनिधियों ने इस पर संज्ञान लिया और पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार शाम को संयुक्त रूप से युवक के कमरे पर छापा मारा। कमरे में मिली आपत्तिजनक स्थिति छापेमारी के दौरान पुलिस ने युवक को एक युवती के साथ कमरे में आपत्तिजनक अवस्था में पाया। पूछताछ में युवक ने पहले युवती को मित्र बताया, फिर बहन कहने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने औपचारिक रूप से दोनों की पहचान की जांच की, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों के बीच भाई-बहन जैसा कोई संबंध नहीं है। बताया जा रहा है कि युवती भी सरगुजा जिले की ही रहने वाली है और संभवतः कोचिंग या पढ़ाई के सिलसिले में बिलासपुर आई हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती के परिजनों से संपर्क किया और उसे उनके हवाले कर दिया।  युवक पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पुलिस ने युवक अर्श अली के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 151 (सार्वजनिक शांति भंग की आशंका) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल स्थानीय समाज में अशांति पैदा करती हैं, बल्कि पढ़ाई के नाम पर रह रहे युवाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। पुलिस द्वारा कमरे की तलाशी में कुछ शराब की बोतलें और संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की गई हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त किया गया है। यदि जांच में अन्य आपत्तिजनक सामग्री या गतिविधियां सामने आती हैं, तो आगे सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।  
    किरायेदार सत्यापन की आवश्यकता पर बल पुलिस ने इस मामले को चेतावनी स्वरूप लेते हुए मकान मालिकों से किरायेदारों का नियमित सत्यापन कराने की अपील की है। सरकंडा थाना प्रभारी ने कहा कि “अक्सर देखा जाता है कि छात्र बनकर कुछ लोग गलत इरादों से शहरों में किराए पर रहना शुरू कर देते हैं और फिर धीरे-धीरे आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। मकान मालिकों को चाहिए कि वे अपने किरायेदारों का थाने में जाकर पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य कराएं।” घटना के बाद हिंदू संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि “बिलासपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पढ़ाई के नाम पर किराए में रहकर धार्मिक और सामाजिक मर्यादा के विपरीत कार्य करना बेहद शर्मनाक है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि इस मामले में उच्चस्तरीय जांच हो और युवक के मोबाइल व अन्य संचार माध्यमों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी की जाए।” 
  • सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन से गांजा जब्त, दो युवक अरेस्ट

    28-Jul-2025
    बिलासपुर। बिलासपुर में रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त कार्रवाई में ट्रेन नंबर 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस में अवैध गांजा तस्करी करते दो युवकों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए आरोपियों के पास से 1 लाख 60 हजार का गांजा बरामद किया गया है. पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और उप पुलिस अधीक्षक रेल बिलासपुर तोबियस खाखा के निर्देशन में ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई. 25 जुलाई 2025 को जीआरपी बिलासपुर और आरपीएफ उसलापुर की संयुक्त टीम ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा. पकड़े गए युवकों की पहचान विकास मिश्रा (28 वर्ष, निवासी झालवा, पीपलगांव, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) और सौरभ सेन (23 वर्ष, निवासी सनौली, बैंसकाटी, कौसांबी, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. विकास मिश्रा के कब्जे से 4 पैकेट में 4 किलोग्राम गांजा और सौरभ सेन के पास से भी 4 पैकेट में 4 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. कुल 8 किलोग्राम गांजे के साथ दोनों को हिरासत में लिया गया. 
  • शोरूम मालिक को मैनेजर ने लगाया चूना, डेढ़ लाख लेकर फुर्र

    26-Jul-2025
    बिलासपुर. शहर के चेतक शोरूम में मैनेजर पद पर कार्यरत युवक गाड़ी बिक्री की 1.26 लाख रुपये की रकम गबन कर फरार हो गया. आरोपी ने शोरूम पार्टनर को केवल दस्तावेज और रसीदें दीं, लेकिन नकद रकम नहीं लौटाई. घटना के बाद से उसका मोबाइल बंद है. मामला महाराणा प्रताप चौक के त्रिपुर आटो का है. मामले की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक मंगला चौक निवासी चंचल अग्रवाल त्रिपुर आटो चेतक शोरूम के पार्टनर हैं. जहां कुछ महीने पहले उमेश शुक्ला निवासी सरकंडा को मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया था. उमेश का काम था कि वह हर दिन की बिक्री का हिसाब और नकदी रात में शोरूम को सौंपे. लेकिन 22 जुलाई 2025 को उसने एक स्कूटर की बिक्री से मिली 1.26 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की. उसने सिर्फ संबंधित दस्तावेज और बिक्री रसीदें दीं, और पैसे लेकर फरार हो गया. इसके बाद से उमेश शुक्ला का मोबाइल बंद है. जब आरोपी की पत्नी से शोरूम वालों ने संपर्क किया, तो पता चला, कि उमेश इससे पहले भी अपनी पिछली नौकरी में इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है. मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने उमेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 316(5) के तहत धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है. 
  • हाईकोर्ट ने सील नर्सिंग होम को दोबारा खोलने की अनुमति दी

    25-Jul-2025
    बिलासपुर। महासमुंद जिले के सरायपाली में संचालित मातृ केयर नर्सिंग होम को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई है। हाईकोर्ट ने अस्पताल को सील करने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। कोर्ट ने अस्पताल खोलने की अनुमति देने के साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। मामला सरायपाली के रहने वाले प्रशांत कुमार साहू की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल में लापरवाही से इलाज किया गया, जिससे उनकी पत्नी विकलांग हो गई।  प्रशांत ने सरायपाली थाने में लिखित शिकायत दी थी कि 10 अक्टूबर 2024 को उनकी पत्नी का ऑपरेशन डॉक्टर शिबाशीष बेहरा ने किया था, लेकिन ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही हुई, जिसके चलते उनकी पत्नी को स्थायी शारीरिक नुकसान पहुंचा। शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुंद ने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई और जांच शुरू की गई। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया था। अस्पताल संचालक शिबाशीष बेहरा ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने फिलहाल अस्पताल को फिर से चालू करने की अनुमति दी है और विभाग से जवाब मांगा है। 
+ Load More
Top